गंदे विचार बुढ़ापे तक नहीं छूटते। यह बात सबसे अच्छे ढंग से वृद्ध ही जानते हैं। क्योंकि इस सब में जो कुछ व्यक्त होता है, वो तो बाहरी अनुशासन के साथ छुपा लिया जाता है। पर जो अव्यक्त है, वो भीतर घट रहा है। शरीर शिथिल हो जाता है पर इंद्रियां अपनी मांग बंद नहीं […]
कुछ महीने पहले ओवरवेट और मोटापे से जूझ रहे बहुत सारे लोगों को रोजाना खाने में 500 कैलोरी कम लेने के लिए कहा गया। इनमें से आधे लोगों के लिए खाने का समय नौ घंटे की समय-सीमा में सीमित कर दिया गया। छह महीने बाद सभी का वजन करीब एक स्टोन-साइज कम हो गया, लेकिन […]
भारत सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार और विश्व बैंक में चीफ इकोनॉमिस्ट के रूप में वर्षों तक काम करते हुए मुझे यह समझ में आया कि अर्थशास्त्र कितना विचित्र विषय है। अर्थशास्त्र का औपचारिक प्रशिक्षण न रखने वाले नेता भी कभी-कभी ऐसे नीतिगत निर्णय ले लेते हैं, जो पेशेवर विशेषज्ञों के निर्णयों जितने ही उचित […]