ग्लासगो की उस सर्द रात में सर्वेश कुशारे ऊंची छलांग लगा रहे थे और ऐसा लग रहा था मानो उनके साथ भारत भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा हो। हम खेलों को क्यों फॉलो करते हैं? वे हमें क्या सिखाते हैं? क्या खेल हमेशा केवल पदक जीतने और रिकॉर्ड तोड़ने तक ही सीमित होते हैं? […]
मैं साहित्य पढ़ाती हूं किंतु साहित्य से मेरा रिश्ता कब और कैसे जुड़ा? इस सवाल पर गौर करते हुए मुझे याद है वह वाकया जब मैं मुश्किल से दस-बारह साल की थी। सिंधी घर की एक सांवली लड़की- जिसके बारे में मां कहती रहती- ‘रीटा सांवरी आ’। पिताजी को लगा होगा बेटी का आत्मविश्वास टूट […]
गंदे विचार बुढ़ापे तक नहीं छूटते। यह बात सबसे अच्छे ढंग से वृद्ध ही जानते हैं। क्योंकि इस सब में जो कुछ व्यक्त होता है, वो तो बाहरी अनुशासन के साथ छुपा लिया जाता है। पर जो अव्यक्त है, वो भीतर घट रहा है। शरीर शिथिल हो जाता है पर इंद्रियां अपनी मांग बंद नहीं […]