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चंडीगढ़ में लेडी एंप्लॉय की नाइट शिफ्ट के नए नियम:घर से कंपनी तक पिक-एंड-ड्रॉप देना होगा, प्रेग्नेंट महिला से खतरनाक काम नहीं करा सकेंगे

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चंडीगढ़ में किसी भी कंपनी, फैक्ट्री और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारी से रात में ड्यूटी उसकी मर्जी के बिना नहीं करवा सकेंगे। इसके लिए कंपनी को महिला कर्मचारी की लिखित में सहमति लेनी होगी। साथ ही उसे कंपनी तक लाने और घर छोड़ने की सुविधा भी देनी पड़ेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस संबंधी चंडीगढ़ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) नियम, 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें सभी कर्मचारियों के लिए नए नियम तय किए गए हैं। इन नियमों के तहत चंडीगढ़ में किसी भी कंपनी, फैक्ट्री और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारी को बिना अप्वाइंटमेंट लेटर के काम पर नहीं रखा जा सकेगा। जिन पुराने कर्मचारियों को अभी तक अप्वाइंटमेंट लेटर नहीं मिला है, उन्हें नियम लागू होने के 3 महीने के भीतर यह देना होगा। इसके अलावा एक मुलाजिम से सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा। फिलहाल, नियमों का ड्राफ्ट बनाया गया है। अब इन पर लोगों से राय ली जाएगी। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। ये नए नियम केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थितियों को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं। 8 नियमों में किस तरह से कर्मचारियों का होगा फायदा 1. महिलाओं की सुरक्षा व सुविधा पर फोकस: महिला कर्मचारियों को सुबह 6 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद (नाइट शिफ्ट) काम पर रखने के लिए उनकी लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा। नियोक्ता को घर से कार्यस्थल तक मुफ्त पिक एंड ड्रॉप की सुविधा देनी होगी। कार्यस्थल, वॉशरूम और आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, CCTV निगरानी और सुरक्षा के पूरे इंतजाम करना होंगे। भूमिगत खदानों में एक समय पर कम से कम तीन महिला कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होगी। वहीं, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इलेक्ट्रोप्लेटिंग, ग्लास निर्माण जैसे खतरनाक कामों में नहीं लगाया जा सकेगा। 2. मुलाजिमों का साल में एक बार मेडिकल: 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी कर्मचारियों का साल में एक बार मुफ्त मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। वहीं, खतरनाक काम करने वाले कर्मचारियों की हर छह महीने में स्वास्थ्य जांच होगी। इन सभी जांचों का रिकॉर्ड कंपनी को सुरक्षित रखना होगा। 3. अप्वाइंटमेंट लेटर होगा जरूरी: हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इसमें कर्मचारी का नाम, जन्मतिथि, पद, कौशल की श्रेणी, वेतन, भत्ते और EPFO-ESIC जैसी सुविधाओं की जानकारी होगी। जिन पुराने कर्मचारियों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, उन्हें नियम लागू होने के 3 महीने के भीतर नियुक्ति पत्र देना होगा। 4. ओवरटाइम के लिए मिलेगा दोगुना पैसा, लिमिट तय: नए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी से एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकेगा। रोजाना 8 घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम कराने पर सामान्य मजदूरी की दोगुनी दर से ओवरटाइम देना होगा। किसी कर्मचारी से लगातार 7 दिन से अधिक ओवरटाइम नहीं कराया जा सकेगा और 3 महीने में अधिकतम 144 घंटे ही ओवरटाइम लिया जा सकेगा। वहीं, लगातार 5 घंटे काम करने के बाद कम से कम आधे घंटे का विश्राम देना भी अनिवार्य होगा। 5. सभी संस्थानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सभी संस्थानों को श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्टर्ड कराना होगा। पंजीकरण शुल्क कर्मचारियों की संख्या के अनुसार तय होगा। आवेदन पूरा होने के बाद सात कार्य दिवस के भीतर पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। 6. सेफ्टी कमेटी बनेगी: 500 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों और खतरनाक प्रक्रियाओं वाले उद्योगों में सेफ्टी कमेटी बनाना अनिवार्य होगा। इसमें प्रबंधन और कर्मचारियों के बराबर प्रतिनिधि होंगे। कमेटी की बैठक हर 3 महीने में कम से कम एक बार होगी और इसका मुख्य काम कार्यस्थल पर संभावित खतरों की पहचान कर सुरक्षा संबंधी सुझाव देना होगा। 7. बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर SMS अलर्ट: 100 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाते ही कर्मचारी के मोबाइल पर एंट्री/एग्जिट का SMS अलर्ट जाएगा, जिससे हाजिरी में हेरफेर नहीं हो सकेगी। 8. डिपेंडेंट का दायरा तय: अब केवल वही व्यक्ति आश्रित की श्रेणी में आएगा, जिसकी सभी स्रोतों (बैंक ब्याज, सैलरी, एग्रीकल्चर, पेंशन आदि) से मासिक आय 15,000 रुपए या उससे कम है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना की छात्रा का NEET-UG में AIR-1 होने का दावा, स्कोरकार्ड में 715 अंक दिखाए, टॉपर्स लिस्ट में नाम नहीं लुधियाना की रहने वाली एक लड़की ने री-नीट (Re-NEET UG) परीक्षा में AIR-1 होने का दावा किया है। इसके चलते घर पर मिठाइयां बांट दी गईं। लड़की ने बाकायदा रिजल्ट का स्कोरकार्ड दिखाया है, जिसमें उसके नंबर टॉपर आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल के बराबर 720 में से 715 अंक लिखे हुए हैं। हालांकि, मेरिट लिस्ट में उसका नाम नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…

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