दुनिया के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा सुना गया हो कि किसी मुल्क के सबसे बड़े हुकमरान का शव 4 महीने (120 दिन) तक दफन होने का इंतजार करे। लेकिन शिया जगत के सबसे बड़े रहबर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के साथ ऐसा ही हुआ। 28 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए खामेनेई के शव को मिलिट्री ग्रेड केमिकल्स और क्रायोजेनिक एम्बाल्मिंग (Cryogenic Embalming) के सहारे एक सीक्रेट बंकर में सुरक्षित रखा गया था। अब, सीजफायर के बाद 3 जुलाई 2026 को तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला का दरवाजा खुला है, जहां से इस महा-जनाजे की शुरुआत हुई है।


