राम मंदिर परिसर में करीब 18 महीने तक काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी ने NDTV के कैमरे पर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. इस कर्मचारी ने मंदिर परिसर के अंदर चल रहे कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, फर्जी बिलिंग और कर्मचारियों के शोषण की पोल खोल कर रख दी है. पूर्व कर्मचारी के सीधे आरोप के अनुसार, हाल ही में चंदा चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए 8 लोग केवल मोहरे हैं. असली धांधली और कमीशनखोरी के पीछे ट्रस्ट के बड़े नाम डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव का हाथ बताया जा रहा है.



