नेपाल त्रासदी की तस्वीरें अब तक जमीन से देखी गई थीं, लेकिन NDTV पहला चैनल है जो एरियल व्यू से तबाही का मंजर दिखा रहा है. नेपाल-चीन सीमा पर भोटकोशी और त्रिशूली नदी में आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया है. अनौपचारिक तौर पर 2-3 हजार लोगों की जान जाने की बात है, हालांकि सरकारी आंकड़े पुष्टि नहीं कर रहे. एग्जीक्यूटिव एडिटर मनोग्या लोईवाल ने काठमांडू से उड़ान भरकर नुवाकोट, त्रिशूली, स्याफ्रुबेसी, भोटकोशी होते हुए नेपाल-तिब्बत सीमा के आखिरी इलाके तिमोरे तक का जायजा लिया. आसमान से दिख रहा है कि त्रिशूली बाजार पूरी तरह मटियामेट हो गया है, गांव के गांव खाली हैं, जो कभी बाजार थे अब श्मशान बन गए हैं. भोटकोशी नदी जहां पहले मकान थे वहां अब सिर्फ मिट्टी, पानी, पत्थर और मलबा है. हजारों लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है. काठमांडू एयरपोर्ट से लगातार चॉपर ऑपरेशन जारी हैं, एक हेलीकॉप्टर में 400 KG राहत सामग्री भेजी जा रही है. नेपाल सेना ने 20 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए हैं, 70-200 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चॉपर राहत पहुंचा रहे हैं. JCB से रास्ते खोलने की कोशिश जारी है क्योंकि पानी का बहाव अब भी तेज है.


