राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में एक कक्षा की छत गिर गई। उस समय स्कूल में 120 बच्चे मौजूद थे। ये बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और टीचर तुरंत कक्षाओं से बाहर निकल गए। स्कूल की 2 कक्षाएं लंबे समय से जर्जर स्कूल के जिस कक्षा की छत गिरी, उस वक्त उसमें कोई बच्चा या टीचर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस स्कूल में कुल 10 कक्षाएं हैं। इनमें से करीब 2 कक्षाएं लंबे समय से जर्जर हो चुकी हैं। इसलिए इन कमरों को बंद कर दिया गया था। यहां कोई क्लास भी नहीं ली जाती थी। इसी वजह से छत गिरने के बावजूद कोई छात्र या टीचर घायल नहीं हुए।
अधिकारियों ने किया जर्जर कमरों का निरीक्षण छत गिरने के बाद स्कूल के टीचर्स ने पीईईओ पंकज वर्मा को सूचना दी। पंकज वर्मा और सीबीईओ दीपक शाह मौके पर पहुंचे और स्कूल की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जर्जर कमरों का निरीक्षण किया और स्कूल के मैनेजमेंट से जानकारी ली। राजस्थान के स्कूल में इस साल छत गिरने की दूसरी घटना इससे पहले 25 जुलाई 2026 को राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। यह घटना मनोहर थाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की थी। छत गिरने के बाद दीवार भी ढह गई। इस हादसे कई बच्चे मलबे में दबे होने से घायल हो गए। स्कूल भवन की छत जर्जर अवस्था में थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। वहीं भारी बारिश के कारण दीवार में नमी आने से दीवारें कमजोर होकर गिर गईं। ————————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें… छात्रों के धरने से बदली खस्ता हाल स्कूल की हालत:जर्जर भवन गिरा, मरम्मत का काम शुरू; आशुतोष रांका ने शेयर किया वीडियो सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपने X अकाउंट पर जोधावास स्थित उस सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया है जिसके खिलाफ कुछ दिन पहले ही स्कूल के छात्रों ने आंदोलन किया था। इस स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। पूरी खबर यहां पढ़ें

