पूर्व भारतीय कप्तान बाईचुंग भूटिया ने भारतीय फुटबॉल फैंस से भारत-ब्राजील फ्रेंडली मैच के बॉयकॉट की अपील की है। उन्होंने 420 ग्राम्स से बातचीत में एक 90 मिनट के मैच पर कथित तौर पर होने वाले बड़े खर्च पर सवाल उठाया। भूटिया ने कहा- इस मैच पर खर्च होने वाला पैसा बंगाल के खिलाड़ियों, फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर, फुटसल मैदानों और आर्थिक संकट से जूझ रहे क्लबों पर लगाया जा सकता है। ब्राजील 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलेगा। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने शेड्यूल में टकराव के कारण भारत को पहले फीफा आसियान कप से हटा लिया था। AIFF ने इस पोस्ट के जरिए मैच की तारीख का ऐलान किया था… भूटिया की 5 खास बातें A।FF बोला- यह मैच भारतीय फुटबॉल के लिए मौका A।FF ने ब्राजील को प्राथमिकता देने के फैसले का बचाव किया है। फेडरेशन ने कहा कि यह मैच भारतीय फुटबॉल के लिए असाधारण मौका है और इससे राष्ट्रीय टीम का मनोबल बढ़ सकता है। फेडरेशन ने भारत के आसियान कप से हटने के बाद पहले से तय वित्तीय जुर्माने की बातों को भी खारिज किया है A।FF ने कहा है कि ब्राजील मैच को उचित संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए मंजूरी दी गई थी। फेडरेशन ने मैच की लागत और उसके लिए इस्तेमाल होने वाले फंड को लेकर किए गए दावों को भी खारिज किया है। फेडरेशन के एक अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर भूटिया से उनके बताए आंकड़ों का सबूत देने को कहा है। भारतीय क्लबों पर असर की चिंता पूर्व भारतीय कप्तान ने ब्राजील मैच को घरेलू क्लबों की आर्थिक परेशानियों से जोड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि एक मैच पर ज्यादा खर्च होने से निवेश जुटाने में संघर्ष कर रहे क्लबों पर असर पड़ सकता है। भूटिया ने कहा, ‘ब्राजील की वजह से ईस्ट बंगाल को परेशानी होगी। अगर बंगाल से 50 करोड़ रुपए चले गए, तो अगले 5 साल तक ईस्ट बंगाल को निवेशक और प्रायोजक नहीं मिलेंगे, क्योंकि बाजार में पैसा नहीं रहेगा।’ उन्होंने कहा कि बड़ी रकम घरेलू फुटबॉल के बजाय मैत्री मैच पर खर्च की गई, तो ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों को नुकसान हो सकता है। भूटिया का बयान भारतीय फुटबॉल में व्यापक अनिश्चितता के बीच आया है। क्लब पर आर्थिक दबाव है और ISL के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।

