केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने NDTV को दिये खास इंटरव्यू में मानसून सत्र के पूरी तरह धुल जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, जो लोकतांत्रिक इतिहास में अभूतपूर्व है. संसद परिसर में तख्तियां दिखाने, नाटक करने, वेशभूषा बदलने और पपेट (कठपुतली) लेकर नारेबाजी करने को उन्होंने अशोभनीय बताया और कहा कि कांग्रेस सांसदों को लगता है कि उनका काम सिर्फ संसद में नाटक करना रह गया है. वहीं, लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि बंदूक वाले नक्सली तो खत्म हो चुके हैं, लेकिन देश को बांटने की चाह रखने वाले ‘अर्बन नक्सल’ शहरों में सक्रिय हैं. 20 जुलाई को छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग और पैलेट गन के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने दिल्ली पुलिस की तारीफ की कि इतने बड़े प्रदर्शन को बिना किसी बड़ी हिंसा या मौत के शांतिपूर्वक नियंत्रित किया गया.

