पिटबुल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बेहद शक्तिशाली पकड़ वाला कुत्ता होता है. हालांकि, किसी भी कुत्ते का व्यवहार उसकी ट्रेनिंग, परवरिश और माहौल पर निर्भर करता है. लेकिन पिटबुल नस्ल को लड़ाई और शिकार जैसे कार्यों के लिए विकसित किया गया था. इसी कारण इसके जबड़ों की पकड़ मजबूत मानी जाती है. हमले की स्थिति में पिटबुल अक्सर अपने शिकार को लंबे समय तक पकड़े रख सकता है, जिससे गंभीर चोटें लगने का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि कई देशों और क्षेत्रों में इस नस्ल को लेकर विशेष नियम बनाए गए हैं या उस पर प्रतिबंध लगाया गया है.


