बांग्लादेश क्रिकेट टीम 2003 के बाद पहली बार टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। टीम ने डार्विन के डीएक्ससी एरिना में अभ्यास शुरू कर दिया है, जहां 13 अगस्त से वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा। इस दौरे पर 39 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम भी टीम का हिस्सा हैं। अपने 21 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में मुश्फिकुर पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच खेलेंगे। वे 100 से अधिक टेस्ट खेलने वाले एकमात्र बांग्लादेशी क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2005 में लॉर्ड्स में डेब्यू किया था। साल 2017 में मीरपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट जीत के बाद मुश्फिकुर को जल्द ही ऑस्ट्रेलियाई दौरे की उम्मीद थी, लेकिन यह मौका उन्हें अब मिला है। इस सीरीज के लिए उन्होंने अपनी तकनीकी तैयारियों में कुछ बदलाव किए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पिचों के बारे में वहां रहने वाले परिचितों से जानकारी लेने के बाद वे अपने नियमित बल्ले की तुलना में थोड़ा हल्का बल्ला इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि स्क्वायर ऑफ द विकेट शॉट आसानी से खेल सकें। इसके अलावा, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे तेज गेंदबाजों का सामना करने के लिए उन्होंने इनस्विंग गेंदों पर विशेष अभ्यास किया है। बीसीबी के मुख्य चयनकर्ता और पूर्व कप्तान हबीबुल बशर ने मुश्फिकुर के इस दौरे को उनकी निरंतर मेहनत का परिणाम बताया है। बशर के अनुसार, उम्र और करियर के इस पड़ाव को देखते हुए यह मुश्फिकुर का ऑस्ट्रेलिया में आखिरी टेस्ट दौरा हो सकता है। इसलिए वे इस अवसर का पूरा उपयोग कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। बांग्लादेश के फैब-5 के इकलौते सक्रिय खिलाड़ी हैं मुश्फिकुर – बांग्लादेश के ‘फैब फाइव’ (पांच दिग्गज) खिलाड़ियों में से केवल मुश्फिकुर ही अब पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय हैं। उनके साथी खिलाड़ी शाकिब अल हसन और मशरफे मुर्तजा राजनीति से जुड़ चुके हैं। – तमीम इकबाल ने संन्यास के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष का पद संभाल लिया है, जबकि महमूदुल्लाह घरेलू क्रिकेट खेलने के साथ-साथ अब कोचिंग की भूमिकाओं में आ गए हैं और बांग्लादेश-ए टीम के बैटिंग कोच के रूप में ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं।


