Hot Topics

टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की तैयारी:श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद फिजियो और डॉक्टर की भूमिका पर हो सकता है फैसला

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आने वाले हफ्तों में टीम इंडिया की चोटों से जुड़ी समस्याओं का आकलन करने की तैयारी में है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन के काम पर फीडबैक देगा। कमलेश 2022 में नितिन पटेल की जगह लेने के बाद से टीम के साथ जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में भारतीय खिलाड़ी लगातार चोटिल हो रहे हैं और जसप्रीत बुमराह इस बढ़ती सूची में नया नाम हैं। हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट से बाहर हैं और दूसरे टेस्ट में भी उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। साई सुदर्शन को टीम में चुना गया है, लेकिन उनका खेलना BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर है। कप्तान और कोच नाखुश इंग्लैंड में हाल ही में हुई व्हाइट-बॉल सीरीज के दौरान इस विषय पर कई बार चर्चा हुई है। कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने से नाखुश हैं। दोनों के लिए यह दौर निराशाजनक रहा है, क्योंकि उन्हें फिटनेस समस्याओं के कारण अपनी पहली पसंद की टीम के साथ खेलने का मौका नहीं मिला है। लॉर्ड्स में मिली हार के बाद गिल ने कहा था कि सुबह मैदान पर आकर यह पता चलना कि कोई खिलाड़ी चोटिल है, काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी 80 फीसदी फिट है और आप पांच गेंदबाजों के साथ खेल रहे हैं, तो ऐसे में अगर वह खिलाड़ी पांच ओवर के बाद बाहर हो जाए, तो गेंदबाजी कौन करेगा। उन्होंने माना कि टीम को अपनी फिटनेस में सुधार करने की जरूरत है। CoE और सपोर्ट स्टाफ पर उठे सवाल इन चोटों को लेकर कई लोग CoE और हेड फिजियो कमलेश जैन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई सीनियर खिलाड़ी अब BCCI सेटअप के बाहर के विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि पूर्व स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई से एड्रियन ले रोक्स के पास जाने का बदलाव उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने सवाल उठाया कि हेड फिजियो कमलेश जैन और CoE के विशेषज्ञों की भूमिका जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि कप्तान और कोच के लिए फुल स्ट्रेंथ प्लेइंग इलेवन चुनना मुश्किल हो रहा है। जब 15 खिलाड़ियों की टीम में भी पहली पसंद के खिलाड़ी नहीं होते, तो सही कॉम्बिनेशन के बारे में कैसे सोचा जा सकता है। जवाबदेही तय करने की मांग सूत्र ने आगे कहा कि हर स्थान के लिए इतनी प्रतिस्पर्धा है कि खिलाड़ी अपने शरीर पर दबाव डालते हैं। यहीं पर सपोर्ट स्टाफ और CoE को दखल देने की जरूरत है। उन्हें समय रहते चेतावनी देनी चाहिए और खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर नहीं उतारना चाहिए। यह स्थिति अब शर्मनाक होती जा रही है और हर संबंधित व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सूत्र ने सवाल किया कि क्या नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरा वनडे खेलते समय 100 फीसदी फिट थे? क्या हर्षित को जल्दबाजी में वापस लाया गया? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब मिलने जरूरी हैं। श्रीलंका सीरीज के बाद बड़े बदलाव के संकेत भारत का क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त है, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच शामिल हैं। इस सीरीज के खत्म होने के बाद BCCI हेड फिजियोथेरेपिस्ट और टीम डॉक्टर के पदों के लिए नए नामों पर विचार कर सकता है। फिलहाल कमलेश जैन और डॉ. रिजवान खान इन दो पदों पर काम कर रहे हैं।

Tags :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

About Us

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

Email Us: info@socialblize.com

Contact: +91-7976784661

Socialblize @2026. All Rights Reserved.