बारिश के मौसम में कपड़े ठीक से नहीं सूखते हैं। धूप की कमी और हवा में ज्यादा नमी की वजह से कपड़ों से अजीब स्मेल आने लगती है। कई बार अलमारी में रखे कपड़ों से भी सीलन की स्मेल आती है। दरअसल, बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। ऐसे में अगर कपड़ों को सही तरीके से सुखाया और स्टोर न किया जाए तो उनमें स्मेल और फफूंदी की समस्या बढ़ सकती है। लंबे समय तक ऐसे कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बारिश में कपड़ों को फ्रेश रखने के आसान तरीके बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- बारिश में कपड़ों से स्मेल क्यों आने लगती है? जवाब- बरसात में कपड़े देर से सूखते हैं और यही देरी स्मेल की बड़ी वजह बनती है। जब कपड़े लंबे समय तक नम रहते हैं तो उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। कपड़ों में स्मेल के सभी कारण ग्राफिक में देखिए- अब इसे थोड़ा विस्तार से समझिए- नमी और बैक्टीरिया पनपना फंगस पनपना डिटर्जेंट या गंदगी का अवशेष देर से सुखाना/वॉशिंग मशीन में छोड़ देना सवाल- कितनी देर तक कपड़े गीले रहने पर स्मेल आने लगती है? जवाब- इसका कोई फिक्स टाइम नहीं है। यह कपड़ों में कितनी देर तक नमी बनी हुई है, उस पर निर्भर करता है। आमतौर पर 6-8 घंटे के अंदर कपड़ों से स्मेल आने लगती है। सवाल- कौन से फैब्रिक से ज्यादा स्मेल आती है? जवाब- यह फैब्रिक के केमिकल स्ट्रक्चर और उसकी ‘मॉइश्चर होल्ड करने की क्षमता’ पर निर्भर करता है। ग्राफिक में देखिए किन फैब्रिक्स से ज्यादा स्मेल आती है- सवाल- क्या गीले कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन हो सकता है? जवाब- हां, गीले कपड़े पहनने से स्किन पर लंबे समय तक नमी बनी रहती है। यह फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। लगातार गीलापन स्किन की बाहरी प्रोटेक्टिव लेयर को कमजोर कर सकता है। इससे दाद, खुजली समेत कई फंगल इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- गीले कपड़े पहनना किनके लिए ज्यादा रिस्की है? जवाब- गीले या नम कपड़े पहनने से किसी को भी फंगल इन्फेक्शन हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- कपड़ों की स्मेल दूर करने के असरदार घरेलू उपाय क्या हैं? जवाब- कुछ आसान घरेलू उपायों से इसे काफी हद तक रोका या कम किया जा सकता है। पॉइंटर्स में देखिए- विनेगर का इस्तेमाल बेकिंग सोडा नींबू का रस एंटीसेप्टिक लिक्विड (जैसे डिटॉल) सवाल- क्या सिर्फ परफ्यूम डालने से स्मेल खत्म हो जाती है? जवाब- नहीं, परफ्यूम बैक्टीरिया या फंगस को नहीं खत्म करता। कई बार स्मेल और परफ्यूम मिलकर अजीब व हार्ड स्मेल बना देते हैं। सवाल- धूप न होने पर कपड़े कैसे सुखाएं ताकि स्मेल न आए? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- बारिश में कपड़ों को फ्रेश रखने के लिए रोज क्या करें? जवाब- इसके लिए रोजमर्रा की कुछ आदतें अपनाएं- सवाल- क्या वॉशिंग मशीन भी स्मेल की वजह बन सकती है? जवाब- हां, इसके कई कारण हो सकते हैं- इससे ‘सीलन’ जैसी स्मेल बनने लगती है। ऐसे माहौल में कपड़े धोने से स्मेल आने लगती है। सवाल- वॉशिंग मशीन की सफाई कितने दिन में करनी चाहिए? जवाब- आमतौर पर वॉशिंग मशीन की डीप क्लीनिंग हर 15-30 दिन में करनी चाहिए। अगर डेली मशीन यूज करते हैं तो हर 2 हफ्ते में साफ करना बेहतर है। इसके अलावा रेगुलर कुछ बेसिक केयर करनी चाहिए, जैसेकि- सवाल- बारिश में कौन-सी गलतियां कपड़ों की स्मेल बढ़ा देती हैं? जवाब- बारिश में कपड़ों की देखभाल में की गई छोटी-छोटी गलतियां उनमें सीलन और स्मेल पैदा कर सकती हैं। ग्राफिक में देखिए- बारिश में सिर्फ घर ही नहीं, कपड़ों की भी खास देखभाल जरूरी होती है। सही वॉशिंग, अच्छी तरह सुखाना और सूखी जगह पर स्टोर करना कपड़ों को लंबे समय तक फ्रेश रखता है। इससे स्मेल, फफूंदी और स्किन से जुड़ी परेशानियों से भी बचाव होता है। ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस: ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) के मुताबिक, मानसून के दौरान ई.कोली और सल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। बढ़ी हुई नमी, जलभराव और दूषित भोजन-पानी इसके मुख्य कारण हैं। इस कारण फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। पूरी खबर पढ़िए…



