बिहार में भ्रष्टाचार की एक चौंकाने वाली तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब कल्याण विभाग के एक डेटा एंट्री ऑपरेटर ने मंत्री लखेंद्र पासवान की मौजूदगी में ही 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी. मामला एक SC-ST अत्याचार केस से जुड़ा था, जिसमें पीड़ित को सरकारी आर्थिक सहायता मिलनी थी. लेकिन सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया में कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई.

