भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। एक रिपोर्ट में एक खिलाड़ी और हॉकी इंडिया के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि जर्सी के रंगमें बदलाव को लेकर खिलाड़ियों से सलाह नहीं ली गई थी। अगले महीने होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को नीली जर्सी की जगह नारंगी जर्सी लॉन्च की है। इस बदलाव के बाद कई पूर्व हॉकी खिलाड़ियों और दिग्गजों ने नाराजगी जाहिर की है। खिलाड़ियों से सलाह के दावे पर सवाल हॉकी इंडिया ने विरोध के जवाब में गुरुवार को कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से सलाह-मशविरा के बाद लिया गया है। हालांकि, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया है कि उनसे इस संबंध में न तो राय ली गई और न ही सलाह मांगी गई। वहीं, हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी दावा किया कि उन्हें जर्सी में बदलाव की जानकारी नहीं थी। वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं रहे, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई हो। जर्सी देखकर कोई प्रेरणा नहीं मिल रही- भास्करन 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान वासुदेवन भास्करन ने भी सवाल उठाया है। भास्करन ने कहा कि उन्हें यह जर्सी देखकर कोई प्रेरणा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि 1928 से भारतीय खिलाड़ी नीली जर्सी पहनते आए हैं, तो अचानक यह बदलाव क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला हॉकी इंडिया का है, तो उन्हें पहले पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों से सलाह लेनी चाहिए थी। रासकिन्हा ने लिखा- टीम को भगवा रंग क्यों पहनाया भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीम को भगवा रंग पहनाया जाना शर्मनाक है। प्रियंका गांधी ने भी नई जर्सी आलोचना की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की पहचान अहिंसा, सत्य और भाईचारे जैसे मूल्यों से जुड़ी है और इन्हें बदला नहीं जा सकता। जर्सी का रंग कैसे तय होता है, सवाल-जवाब के जरिए समझिए … सवाल: जर्सी का रंग किस आधार पर तय होता है? जवाब: जर्सी के रंग को लेकर कोई भी लिखित नियम नहीं है। कोई भी देश किसी भी रंग को चुन सकता है। लेकिन आमतौर किसी देश की टीम की जर्सी का रंग उसके राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय प्रतीकों या राष्ट्रीय पहचान के आधार पर चुना जाता है। सवाल: भारतीय टीम की जर्सी नीली क्यों रखी गई थी? जवाब: हॉकी इतिहासकार के. अरुमुगम ने बताया कि भारतीय हॉकी टीम 1928 से ज्यादातर नीली और सफेद जर्सी में खेलती आई है। समय-समय पर जर्सी का डिजाइन बदला, लेकिन रंग नीला ही रहा। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम ने 1992 में रंगीन जर्सी शुरू होने पर तिरंगे के अशोक चक्र का नीला रंग अपनाया। इसी वजह से भारतीय टीमों की पहचान ‘मेन इन ब्लू’ के तौर पर बन गई। सवाल: जर्सी का रंग ऑरेंज क्यों किया गया? जवाब: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है। ऐसे में मैदान और जर्सी दोनों नीले होने से खिलाड़ियों को तेज खेल के दौरान साथी खिलाड़ियों और गेंद को पहचानने में दिक्कत होती थी। भारत ने 1975 में वर्ल्ड कप जीता था FIH मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट का 16वां एडिशन होगा। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) की ओर से आयोजित यह टूर्नामेंट 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम के वावरे और नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। भारत ने अपना आखिरी और इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब 1975 में जीता था। टीम करीब 50 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपिंयन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।
हॉकी इंडिया की नई नारंगी जर्सी पर विवाद:खिलाड़ियों से सलाह लेने के दावे को टीम मेंबर ने नकारा, दिग्गजों ने नाराजगी जताई

