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सरकार 5 साल में खेलों पर ₹36,441 करोड़ खर्चेगी:2036 ओलिंपिक में टॉप-10, 2048 में टॉप-5 आने का टारगेट; पिछली बार 71वां नंबर था

भारत सरकार अगले 5 साल में खेलों में 36,441 करोड़ रुपए खर्च करेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने मंगलवार को बताया कि खेलो इंडिया रिवैंप्ड योजना के तहत यह पैसा 2026 से 2031 तक खर्च किया जाएगा। सरकार ने यह बजट जारी करने के साथ ओलिंपिक के लिए मेडल टारगेट भी तय किए हैं। सरकार का लक्ष्य 2036 ओलिंपिक की मेडल लिस्ट के टॉप-10 और 2048 ओलिंपिक में टॉप-5 देशों में जगह बनाना है। भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी करना चाहता है, जबकि 2048 ओलिंपिक में भारत की आजादी के 100 साल पूरे हो चुके होंगे। भारत ने पेरिस ओलिंपिक 2024 में सिर्फ 6 मेडल जीते थे। मेडल टेली में भारत 71वें स्थान पर था। 2036 ओलिंपिक में 12 से 14 गोल्ड का टारगेट 2036 में 12-14 गोल्ड समेत कुल 30-35 मेडल और 2048 में 35-40 गोल्ड समेत कुल 90-100 मेडल जीतने का लक्ष्य रखा गया है। इसे हासिल करने के लिए प्रतिभाओं की पहचान, खेल ढांचे में सुधार, कोचिंग की क्वालिटी बढ़ाने, खेल विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जाएगा। खिलाड़ियों की संख्या 10 गुना करने का लक्ष्य SAI रीजनल सेंटर मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक पांडुरंग चाटे ने कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना का मकसद अलग-अलग योजनाओं के बजाय खिलाड़ियों के लिए पूरी खेल यात्रा तैयार करना है। रिवैंप्ड योजना का बजट 8 गुना बढ़ाने का लक्ष्य है। 2026 से 2031 के बीच योजना के तहत मदद पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी 10 गुना बढ़ाई जाएगी। 30 हजार प्लेयर्स को फायदा, 60% केंद्र खर्च करेगी रिवैंप्ड योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच खर्च बांटने का अनुपात 60:40 रखा गया है। इसमें 30 हजार खिलाड़ियों को सहयोग देने का प्लानिंग है। SAI रीजनल सेंटर मुंबई ने एक रिलीज में कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना महाराष्ट्र के मौजूदा स्पोर्ट्स इको सिस्टम को मजबूत करने का मौका देगा। ——————————————– भारतीय खेलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 12 साल में पहली बार किसी खिलाड़ी को खेल-रत्न नहीं, 17 को अर्जुन अवॉर्ड खेल मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का ऐलान कर दिया है। 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया हो। इससे पहले 2014 में ऐसा हुआ था। पढ़ें पूरी खबर

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