रक्षाबंधन पर कानपुर कलेक्ट्रेट में एक भावुक करने वाला दृश्य देखने को मिला. डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह रोज की तरह जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे. इसी दौरान एक मां अपनी बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची. उसके हाथ में एक प्रार्थना पत्र था, जिसमें बेटी को पढ़ाने की उम्मीद और संघर्ष की कहानी लिखी थी. मां ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई महीनों से बेटी की स्कूल फीस जमा नहीं हो पाई है. रक्षाबंधन के मौके पर बेटी इशु यादव ने डीएम को राखी बांधने की इच्छा जताई. डीएम ने उसकी इच्छा का सम्मान किया और इशु ने उनकी कलाई पर राखी बांधी. इसके बाद डीएम ने भी बड़े भाई का फर्ज निभाया. उन्होंने इशु की फीस जमा कराई, स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल दिलाई और अन्य उपहार भी दिए.
