मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहली बार ‘द हंड्रेड’ मेन्स कॉम्पिटिशन का खिताब जीत लिया। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में टीम ने ट्रेंट रॉकेट्स के 158 रन के लक्ष्य को 19.3 गेंद में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंद में 72 रन की पारी खेलकर जीत की नींव रखी, जबकि लियाम डॉसन ने आखिरी गेंदों में छक्का लगाकर टीम को चैंपियन बना दिया। सीफर्ट ने 38 गेंद में 72 रन बनाए मैनचेस्टर की जीत में न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने 38 गेंद में 72 रन बनाए। पारी में 7 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। सीफर्ट ने सिर्फ 23 गेंद में फिफ्टी पूरी कर ली थी। उन्होंने पॉल वॉल्टर के साथ पहले विकेट के लिए तेज शुरुआत करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। आखिरी गेंदों में रोमांच, डॉसन ने छक्का लगाकर जिताया सीफर्ट के आउट होने के बाद मैनचेस्टर का स्कोर 23 गेंद बाकी रहते 136 रन था और जीत के लिए 23 रन चाहिए थे। इसके बाद ट्रेंट रॉकेट्स ने वापसी की कोशिश की। मोहम्मद आमिर ने लगातार गेंदों पर हेनरिक क्लासेन और माइकल ब्रेसवेल को आउट कर दिया। मैनचेस्टर को आखिरी 3 गेंद में 3 रन चाहिए थे। बेन सैंडरसन की अगली दो गेंदों पर रन नहीं बना। इसके बाद लियाम डॉसन ने तीसरी गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर मैच खत्म कर दिया। मैनचेस्टर ने 19.3 गेंद में 162/5 रन बनाकर 5 विकेट से जीत दर्ज की। ट्रेंट रॉकेट्स ने बनाए 158 रन इससे पहले ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंद में 8 विकेट पर 158 रन बनाए। एनेरिन डोनाल्ड ने 19 गेंद में 38 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। लुईस ग्रेगरी ने 16 गेंद में 32 रन बनाए, जबकि मिचेल सैंटनर ने नाबाद 20 रन का योगदान दिया। मैनचेस्टर की ओर से नूर अहमद सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 33 रन देकर 3 विकेट लिए। सोनny बेकर ने 34 रन देकर 2 विकेट लिए। सीफर्ट को 33 रन पर मिला जीवनदान सीफर्ट 33 रन पर आउट होने से बच गए। उन्होंने गेंद को लेग साइड में बाउंड्री की ओर खेला था। फिन एलन ने बाउंड्री के पास कैच लेने की कोशिश की और गेंद को मैदान के अंदर वापस फेंक दिया, लेकिन रीप्ले में उनका पैर बाउंड्री रोप को छूता दिखा। थर्ड अंपायर ने इसे छह रन दिया। इसके बाद सीफर्ट ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 72 रन बनाए। बटलर ने 14 गेंद में 23 रन बनाए सीफर्ट और पॉल वॉल्टर ने मैनचेस्टर को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद कप्तान जोस बटलर ने 14 गेंद में 23 रन बनाए। उन्होंने 3 छक्के लगाए। बटलर के आउट होने के बाद भी सीफर्ट ने रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। मैनचेस्टर ने नाम बदलने के बाद जीता पहला खिताब मैनचेस्टर की टीम पहले मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से खेलती थी। इस सीजन से फ्रेंचाइजी का नाम बदलकर मैनचेस्टर सुपर जायंट्स किया गया। टीम इससे पहले दो बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन दोनों बार उसे हार मिली थी। इस बार टीम ने पहली बार खिताब जीत लिया। ट्रेंट रॉकेट्स की पुरुष टीम के पास एक ही दिन में मेन्स और वूमेंस दोनों खिताब जीतने का मौका था। उसकी महिला टीम इससे पहले फाइनल में सनराइजर्स लीड्स को हराकर चैंपियन बन चुकी थी। पुरुष टीम के हारने के साथ उसका डबल पूरा करने का सपना टूट गया।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स पहली बार द हंड्रेड चैंपियन बना:ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराया; सीफर्ट के 72 रन, डॉसन ने छक्के से जिताया

