प्रशांत किशोर ने काफी सोच-समझकर बांकीपुर सीट से दांव खेला था. दांव इतना बड़ा था कि अगर यहां ये हार जाते तो लोग कहते कि ‘किंग मेकर’ अपना ही चुनाव नहीं जीत पाया. लेकिन प्रशांत किशोर को पता था की अगर वो यहां से जीत गए तो पूरी कहानी बदल जाएगी. उन्होंने बांकीपुर के उपचुनाव को भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर रेफरेंडम बताकर चुनाव लड़ा. पीके ने बीजेपी के नेताओं के कथित बयानों को चुनावी हथियार बनाया और कहा कि बीजेपी ने बांकीपुर को टेकन फोर ग्रांटेड लिया, वो नतीजे आने से पहले ही बांकीपुर में बीजेपी की हार की भविष्यवाणी करने लगे.
