नेपाल का ट्रैकिंग और पर्यटन उद्योग इस समय भारी संकट के दौर से गुजर रहा है. विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट और ट्रैकिंग के लिए मशहूर नेपाल में करोड़ों रुपये की यह इंडस्ट्री 50% से अधिक ठप हो चुकी है. 50,000 से अधिक लोगों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ा है. पीक सीजन (अगस्त व आगे के महीनों) के बावजूद भारतीय पर्यटक, मानसरोवर यात्री और विदेशी ट्रेकर्स नदारद हैं. स्थानीय दुकानदारों और टूरिस्ट गाइडों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है, जिससे उनके सामने किराया और दैनिक जीवन चलाने का संकट खड़ा हो गया है. जब तक पर्यटकों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बहाल नहीं होगा, तब तक इस इंडस्ट्री की पुरानी रौनक लौटना मुश्किल नजर आ रहा है.
