उत्तर प्रदेश की दिव्यांग तीर्थयात्री ज्योति अपनी मां, बंदर ‘बजरंगी’ और कुत्ते ‘कालू’ के साथ माता मचैल यात्रा पर हैं. एक ट्रेन हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए थे, लेकिन इसके बावजूद वह हाथ से चलने वाली ट्राइसाइकिल पर अपनी सालाना तीर्थयात्रा कर रही हैं.
