नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद त्रिशूली सैन्य बेस और नुवाकोट में युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान चलाया जा रहा है. NDTV की टीम ने ग्राउंड जीरो से जमीन और आसमान से चल रहे इस महा-अभियान को कवर कर रही है. त्रिशूली एयरबेस पर परिजनों की भारी भीड़ जुटी है. अपर त्रिशूली 1216 जलविद्युत परियोजना (दुशान कंपनी) के सेफ्टी ऑफिसर कृष्ण बहादुर अधिकारी टनल में चेकिंग के दौरान से लापता हैं. वहीं बेत्रावती और आसपास के इलाकों से भी कई लोग मिसिंग हैं.
बिहार (मोतिहारी) से आकर पिछले 30 वर्षों से त्रिशूली में रह रहे बच्चू प्रसाद जैसे प्रवासी परिवारों का सब कुछ बह गया. 40 फीट ऊंचे सैलाब ने घर, बर्तन, कपड़े और जीवनभर की कमाई मलबे में तब्दील कर दी. पहाड़ी इलाकों की सड़कें पूरी तरह कट चुकी हैं, इसलिए केवल चॉपर्स (सैन्य और प्राइवेट) ही एक सहारा हैं. एयरबेस से हेलीकॉप्टर लगातार उड़ानें भरकर फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं.
