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ट्रैवल इंश्योरेंस में सालाना 10% की बढ़ोतरी, युवा सबसे आगे:अमीर युवाओं की बदली पसंद; 40% भारतीय छुट्टियां मनाने जापान-मालदीव जैसे नए देश जा रहे

पर्यटन के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों की पसंद बदल रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 40% से अधिक भारतीयों ने छुट्टियों के लिए दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, मिस्र, जापान और मालदीव जैसे नए देश चुने। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक यात्रियों की उम्र, पसंदीदा जगहों और बीमा खरीद में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि ब्रिटेन जैसे देश अब भी सबसे ज्यादा पसंदीदा हैं। लेकिन इन नई जगहों पर जाने वालों की रफ्तार सबसे तेज है। बीमा कराने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में अकेले दक्षिण-पूर्व एशिया की हिस्सेदारी 26% रही। इस क्षेत्र में साल-दर-साल 10% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। अब यात्रा करने वालों में हर उम्र के लोग शामिल हैं। दुनिया भर की इन नई जगहों पर जाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी 50 वर्ष से कम उम्र के कामकाजी युवाओं की है, जो पारंपरिक तरीके छोड़ सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बीमा और बुकिंग करा रहे हैं। इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन ट्रेवल इंश्योरेंस खरीदने के चलन में हर साल औसतन 10% की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले दो साल से भारतीयों की विदेश यात्रा के दिनों में कोई खास बदलाव नहीं आया है। भारतीय छुट्टियों के दौरान विदेशों में औसतन 24 दिन बिता रहे हैं। इसमें यूरोप और अमेरिका जैसी जगहों के लिए यह सफर सबसे लंबा यानी करीब 32 दिनों का रहा, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया की ट्रिप के लिए लोग औसतन 11 दिन दे रहे हैं। टाटा एआईजी के वाइस प्रेसिडेंट चंद्रकांत सैद के मुताबिक, छुट्टियों के व्यस्त सीजन में परिवारों, बुजुर्गों और पहली बार विदेश जाने वालों में ट्रेवल इंश्योरेंस लेने का चलन बढ़ा है। भारतीय यात्री विदेश में सुरक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दे रहे हैं। विदेश जाने वालों में 55 साल से अधिक के बुजुर्गों की हिस्सेदारी 22% हो गई है। यह विदेश में सफर के लिए सीनियर सिटीजंस के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। हालांकि, यात्राओं में अब भी सबसे बड़ी संख्या कामकाजी लोगों की ही है। कुल यात्रियों में 21-55 साल के बीच के लोगों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 66% है। सीजन – मई-जून में सबसे ज्यादा विदेश यात्रा का चलन गर्मियों की छुट्टियों के कारण मई और जून विदेश यात्रा के लिए सबसे व्यस्त महीने रहे। इस दौरान विदेश जाने के लिए हवाई यात्रा ही लोगों की पहली पसंद बनी रही। बीमा कराकर बाहर जाने वाले करीब 98% यात्रियों ने फ्लाइट से सफर तय किया।

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