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टाटा मोटर्स CV का मुनाफा 83% बढ़ा:पहली तिमाही में ₹2560 करोड़ का प्रॉफिट, रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹20,667 करोड़ पहुंचा

टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। पिछले तीन महीने में टाटा ग्रुप की इस कंपनी का नेट प्रॉफिट 83.3% बढ़कर 2,560 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 1397 करोड़ रुपए था। कंपनी के मुताबिक, नेट प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी टाटा कैपिटल लिमिटेड में किए गए निवेश पर ‘मार्केट टू मार्केट गेन’ की वजह से हुई है। रेवेन्यू ₹20,667 करोड़ पहुंचा, कुल खर्च 13% बढ़ा पहली तिमाही में 1,08,700 गाड़ियां बेचीं टाटा मोटर्स CV ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल 1,08,700 यूनिट्स की होलसेल बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% अधिक है। शेयर 2% चढ़कर ₹457 पर पहुंचा टाटा मोटर्स के यह नतीजे शेयर बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए। हालांकि, अच्छे नतीजों की उम्मीद में आज बाजार के कारोबारी समय के दौरान टाटा मोटर्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर करीब 2% की मजबूती के साथ 457 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर जैसी 100 से ज्यादा सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियां हैं। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, अगर जगुआर लैंड रोवर के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। क्या होता है EBITDA और EBIT?

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