झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इनकी पूरी सूचना कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की तरफ से जारी की गई है। अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति का गठन झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में से एक JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी। साथ ही, आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद झारखंड सरकार ने परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सीनियर IAS ऑफिसर अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली का अध्ययन कर दो महीने के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग सरकार ने JPSC/JSSC मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए हाईकोर्ट से अनुरोध, आंतरिक विजिलेंस सेल और परीक्षा सुधार समिति बनाने की बात कही है। रद्द हुई परीक्षाओं को लेकर नया आंदोलन JSSC-CGL में चयनित लगभग 2,000 उम्मीदवारों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ा है। ये उम्मीदवार परीक्षा पास करके नियुक्ति की प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे, इसलिए रद्दीकरण के बाद उनकी स्थिति को लेकर विरोध शुरू हुआ। उम्मीदवारों का गुस्सा फूटा उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने दोबारा बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा – सरकार के फैसले के बाद वह सड़क पर आ गया है। बता दें कि JSSC-CGL में लगभग 2950 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुय थे। उसने अपने माता-पिता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि वे लोग फिर से जीतेंगे। उन्होंने सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की और दावा किया कि इस निर्णय से अदालत के आदेश का निरादर हुआ है। ये खबर भी पढ़ें बॉम्बे हाईकोर्ट भर्ती एग्जाम दोबारा कराने की मांग:दस मिनट में लॉग आउट, खराब की बोर्ड, छात्रों ने कहा – ये हमारा फेलियर नहीं, सिस्टम की गलती है महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 16 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती का टाइपिंग एग्जाम आयोजित किया गया था। इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों का आरोप है कि एग्जाम के दौरान कई कम्प्यूटर, माउस और की-बोर्ड ने काम करना बंद कर दिया। यह एग्जाम मुंबई के कई परीक्षा केंद्रों पर हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें
