नेपाल में पहली बाढ़ की तबाही अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दूसरी बाढ़ का खतरा सामने आ गया है. 26 अगस्त को हिमालय में एक ग्लेशियर का हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ करीब 12 किलोमीटर नीचे आ गिरा. यही मलबा नदी में पहुंचा और उसने भीषण फ्लैश फ्लड को जन्म दिया. त्रिशूली नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 9 मीटर बढ़ गया, लेकिन अब चिंता की असली वजह कुछ और है. नेपाल-तिब्बत सीमा के ऊपर एक नया बैरियर लेक (झील) बन गया है. चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, इस झील में फिलहाल करीब 20 लाख घनमीटर पानी जमा है और अगले तीन दिनों में इसमें लगभग 30 लाख घनमीटर अतिरिक्त पानी आने की आशंका है. मंत्रालय ने इस प्राकृतिक झील के टूटने के खतरे को हाई रिस्क श्रेणी में रखा है. अगर यह प्राकृतिक बांध अचानक टूटता है, तो एक बार फिर तेज बाढ़ की लहर नीचे की ओर तबाही मचा सकती है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पहली तबाही के बाद नेपाल पर दूसरी बड़ी आपदा का खतरा मंडरा रहा है? पूरी कहानी जानने के लिए देखें हमारा डिटेल्ड वीडियो, लिंक नीचे दिया गया है.
