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जरूरत की खबर- सिगरेट पीने से जल्दी सफेद होते बाल:ये 7 कारण भी जिम्मेदार, हेल्दी बालों के लिए 8 चीजें खाएं, स्मोकिंग न करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में हर साल लाखों लोगों के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं। ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, दुनिया के 25% से ज्यादा लोगों के बाल समय से पहले सफेद होते हैं। इसे प्रीमैच्योर ग्रेइंग कहते हैं। मेलानिन की मात्रा कम होने पर बाल सफेद दिखने लगते हैं। आमतौर पर यह 40 की उम्र के बाद होता है। लेकिन अगर ये पहले ही हो रहा है तो इसे प्रीमैच्योर ग्रेइंग कहते हैं। इसके लिए जेनेटिक्स, खराब लाइफस्टाइल और न्यूट्रिशन की कमी जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में प्रीमैच्योर ग्रेइंग की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- प्रीमैच्योर ग्रेइंग क्या है? जवाब- बालों का काला रंग मेलानिन पिगमेंट से बनता है। उम्र बढ़ने के साथ बालों की जड़ें मेलानिन बनाना कम कर देती हैं। इससे बाल सफेद दिखने लगते हैं। अगर यह प्रक्रिया 20-30 साल की उम्र में ही शुरू हो जाए तो इसे प्रीमैच्योर ग्रेइंग कहते हैं। सवाल- किस उम्र में बाल सफेद होना सामान्य है? जवाब- अगर कोई जेनेटिक या हेल्थ प्रॉब्लम न हो तो व्यक्ति के बाल 30-40 की उम्र में सफेद होना शुरू होते हैं। 50 वर्ष की उम्र तक ज्यादातर लोगों के बाल सफेद या ग्रे हो जाते हैं। सवाल- प्रीमैच्योर ग्रेइंग की समस्या क्यों होती है? जवाब- जब स्कैल्प में मौजूद सेल्स पर्याप्त मेलानिन नहीं बना पातीं हैं या बनाना बंद कर देती हैं तो बाल सफेद होने लगते हैं। इसकी कई वजहें हो सकती हैं। ग्राफिक में सभी वजह देखिए- सवाल- किन विटामिन्स और मिनरल्स की कमी से बाल सफेद हो सकते हैं? जवाब- कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी के कारण समय से पहले बाल सफेद हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- स्ट्रेस और एंग्जाइटी के कारण बाल क्यों सफेद होते हैं? जवाब- लंबे समय तक स्ट्रेस और एंग्जाइटी रहने पर शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ जाता है। इसके कारण- सवाल- क्या ज्यादा धूप में रहने से बाल सफेद हो सकते हैं? जवाब- हां, बहुत ज्यादा धूप (UV रेज) के एक्सपोजर से बालों को नुकसान हो सकता है। सवाल- क्या खराब लाइफस्टाइल भी प्रीमैच्योर ग्रेइंग की वजह हो सकती है? जवाब- हां, खराब लाइफस्टाइल प्रीमैच्योर ग्रेइंग का रिस्क बढ़ा सकती है, जैसे- सवाल- क्या किसी बीमारी के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं? जवाब- हां, कुछ बीमारियों के कारण मेलानिन बनाने वाली सेल्स प्रभावित हो सकती हैं, जिससे बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- बाल काले रखने के लिए डाइट में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- बाल काले और स्वस्थ रखने के लिए ऐसी चीजें खाएं, जो विटामिन B12, आयरन, कॉपर, जिंक, फोलिक एसिड और प्रोटीन से भरपूर हों। ग्राफिक में देखिए- सवाल- बाल काले रखने के लिए ओवरऑल लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में ये जरूरी बदलाव करें- नीचे ग्राफिक में देखिए, हेल्दी बालों के लिए क्या करना चाहिए- प्रीमैच्योर ग्रेइंग से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या सफेद बाल फिर से काले हो सकते हैं? जवाब- आमतौर पर जो बाल पूरी तरह सफेद हो चुके हैं, वे दोबारा काले नहीं होते। अगर इसकी वजह विटामिन्स या मिनरल्स हैं तो ये फिर से काले हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- क्या सफेद बाल उखाड़ने से ज्यादा सफेद बाल निकल आते हैं? जवाब- नहीं, यह एक मिथ है। एक सफेद बाल उखाड़ने से उसकी जगह कई नए सफेद बाल नहीं निकलते। एक हेयर फॉलिकल (बाल की जड़) से आमतौर पर एक ही बाल उगता है। हालांकि, बार-बार बाल उखाड़ने से हेयर फॉलिकल डैमेज हो सकते हैं, जिससे बाल पतले हो सकते हैं या उस जगह बाल उगना बंद हो सकता है। सवाल- अगर पेरेंट्स के बाल जल्दी सफेद हुए थे तो क्या बच्चों में भी ऐसा होगा? जवाब- हां, जेनेटिक्स प्रीमैच्योर ग्रेइंग की सबसे महत्वपूर्ण वजह है। यदि पेरेंट्स के बाल कम उम्र में सफेद हुए थे तो बच्चों के भी बाल जल्दी सफेद होने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि ऐसा हर मामले में होगा। डाइट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और एनवायर्नमेंटल फैक्टर्स भी भूमिका निभाते हैं। सवाल- क्या हेयर कलर लगाने से बाल जल्दी सफेद होते हैं? जवाब- ऐसा जरूरी नहीं है, क्योंकि हेयर कलर से मेलानिन प्रोडक्शन प्रभावित नहीं होता है। इसलिए सीधे तौर पर इसके कारण बाल जल्दी सफेद नहीं होते हैं। हालांकि, बार-बार या गलत तरीके से हेयर कलर, ब्लीच और केमिकल्स के इस्तेमाल से बाल रूखे, कमजोर या डैमेज हो सकते हैं। सवाल- बाल सफेद होने के साथ किन लक्षणों पर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए? जवाब- डॉक्टर से कंसल्ट करें, अगर- ………………
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