Site icon Socialblize

जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ रहे कीड़े और कॉकरोच:10 सावधानी रखेंगे तो कीड़े नहीं आएंगे, एक्सपर्ट से जानें भगाने के 7 घरेलू उपाय

गर्मी के बाद बारिश का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन इस मौसम में नमी और सीलन बढ़ती है और जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। कीड़ों के पनपने के लिए ये स्थितियां अनुकूल हैं। यही कारण है कि बारिश में घरों में कीड़े, कॉकरोच और मच्छर भी बढ़ जाते हैं। अगर किचन और घर की साफ-सफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो ये मच्छर और कॉकरोच तेजी से फैल सकते हैं। इससे सिर्फ गंदगी ही नहीं होती, बल्कि फूड कंटैमिनेशन और कई तरह के संक्रमण का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मानसून में बढ़ते मच्छरों और कीड़ों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: तौफीक मजूमदार, मैनेजिंग डायरेक्टर, PQGS पेस्ट कंट्रोल, बेंगलुरु डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- मानसून में कीड़े और कॉकरोच क्यों बढ़ जाते हैं? जवाब- इसकी कई वजहें होती हैं। इन्हें पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- कौन-कौन से कीड़े मानसून में ज्यादा दिखते हैं? जवाब- मानसून में नमी और पानी जमा होने की वजह से कई तरह के कीड़े तेजी से पनपते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन फूड्स से कॉकरोच और कीड़े सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं? जवाब- वे ऐसे फूड्स की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिनमें नमी, तेल, तेज गंध या मीठापन हो, जैसेकि– सवाल- ये कीड़े और कॉकरोच क्या सिर्फ गंदे घरों में ही आते हैं? जवाब- नहीं, उन्हें मुख्य रूप से भोजन, पानी और छिपने की जगह चाहिए। ये तीनों चीजें साफ घरों में भी मिल सकती हैं। हालांकि, गंदगी, खुले में रखा खाना और जमा कचरा उनके लिए ज्यादा अनुकूल है। सवाल- क्या AC या कूलर चलाने से कीड़े कम होते हैं? जवाब- ऐसा जरूरी नहीं है। एसी या कूलर, दोनों का कीड़ों पर अलग-अलग असर होता है। सवाल- कॉकरोच और कीड़ों से कौन-सी बीमारियां या इन्फेक्शन हो सकते हैं? जवाब- ये कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जेंस अपने साथ लेकर चलते हैं। ये खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं और सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- हमारी किन गलतियों के कारण घर में कीड़े और कॉकरोच आते हैं? जवाब- मानसून में कुछ गलतियां घर में कीड़े और कॉकरोच बढ़ा सकती हैं, जैसेकि- ये सभी स्थितियां कीड़ों को भोजन, नमी, छिपने की जगह और घर में प्रवेश का रास्ता देती हैं। सवाल- कीड़े घर में सबसे ज्यादा किन रास्तों से घुसते हैं? जवाब- ये आमतौर पर घर में नालियों और दरारों से प्रवेश करते हैं। इसके अलावा इन जगहों से घुस सकते हैं– सवाल- मानसून में घर में कीड़े और कॉकरोच आने से कैसे रोकें? जवाब- अगर समय रहते कुछ बेसिक सावधानियां रखी जाएं, तो इनके प्रवेश को काफी हद तक रोका जा सकता है। ग्राफिक में इन्हें रोकने के सभी टिप्स देखिए- सवाल- क्या ज्यादा इनसेक्ट स्प्रे यूज करना नुकसानदायक हो सकता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए– सवाल- कीड़े और कॉकरोच को भगाने के घरेलू तरीके क्या हैं? जवाब- कुछ आसान घरेलू उपाय इन्हें भगाने में काफी असरदार हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल कराना कब जरूरी है? जवाब- अगर सामान्य साफ-सफाई और घरेलू उपायों के बाद भी समस्या बनी रहे तो प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल कराना चाहिए। खासकर जब- बार-बार पूछे जाने वाले कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या कॉकरोच बीमारी फैलाते हैं? जवाब- हां, यह अपने शरीर और पैरों पर बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट लेकर चलते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- क्या कॉकरोच से एलर्जी या अस्थमा ट्रिगर हो सकता है? जवाब- हां, इनके मल, लार और शरीर के सूक्ष्म कण हवा में मिलकर एलर्जन की तरह काम करते हैं। जब ये कण सांस के जरिए शरीर में जाते हैं तो खांसी, छींक, सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा अटैक तक हो सकता है। सवाल- कॉकरोच के अंडे कहां छिपे होते हैं? जवाब- आमतौर पर अंधेरी, गर्म और नमी वाली जगहों में होते हैं। सवाल- क्या सिर्फ सफाई से कॉकरोच खत्म हो सकते हैं? जवाब- नहीं, लेकिन उनकी संख्या कंट्रोल करने में यह सबसे जरूरी कदम है। सफाई से उनके लिए फूड सोर्स कम हो जाते हैं। इससे उनका बढ़ना धीमा पड़ता है। सवाल- क्या कॉकरोच मारने वाले स्प्रे बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सेफ हैं? जवाब- नहीं, इनमें अक्सर पाइरेथ्रॉइड जैसे केमिकल होते हैं। इनके सीधे संपर्क, ज्यादा मात्रा या बंद कमरे में यूज करने से सांस की तकलीफ, एलर्जी, आंखों और स्किन में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- मानसून में जल्दी खराब होता इनवर्टर:हवा-नमी से बचाएं, बैटरी का पानी बदलें, एक्सपर्ट से जानें मेंटेनेंस के टिप्स बारिश के मौसम में बिजली ज्यादा कटती है और इनवर्टर पर लोड बढ़ जाता है। ये मौसम इनवर्टर की बैटरी के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। हवा में नमी, सीलन, जंग, वोल्टेज फ्लक्चुएशन और बैकअप की जरूरत के कारण इनवर्टर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…

Exit mobile version