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जरूरत की खबर- मानसून में इलेक्ट्रॉनिक्स को रखें सेफ:पानी और नमी से बचाएं, न करें ये कॉमन गलतियां, प्रोटेक्शन के 12 टिप्स

मानसून गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। इनमें से एक है ह्यूमिडिटी यानी नमी। घर में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और फर्नीचर को ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को भी नुकसान पहुंचाती है। दरअसल वातावरण में मौजूद नमी धीरे-धीरे सर्किट, बैटरी और मेटल पार्ट्स को खराब करती है। इससे डिवाइस की परफॉर्मेंस और लाइफ दोनों प्रभावित होती हैं। जिन घरों में वेंटिलेशन कम होता है या सीलन की समस्या रहती है, वहां यह रिस्क ज्यादा होता है। हालांकि कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर आप अपने इलेक्ट्रॉनिक्स को खराब होने से बचा सकते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज इलेक्ट्रिक सामानों को नमी से बचाने पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: अभिषेक मिश्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, नागपुर, महाराष्ट्र अजय यादव, फाउंडर, हैलो एसपीएस इंडिया, क्लीनिंग सर्विस, भोपाल सवाल- मानसून में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस क्यों ज्यादा खराब होते हैं? जवाब- बारिश के मौसम में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है। यह नमी धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के अंदर पहुंच जाती है। इसके कारण- सवाल- नमी इलेक्ट्रॉनिक्स को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है? जवाब- नमी धीरे-धीरे डिवाइस के अंदरूनी हिस्सों को डैमेज करती है। इससे कई तरह की तकनीकी समस्याएं हो सकती हैं। सभी नुकसान ग्राफिक में देखिए- सवाल- घर में नमी बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं? जवाब- मानसून में लगातार बारिश और कम वेंटिलेशन के कारण घर के अंदर नमी जमा होने लगती है। इसके अलावा रोजमर्रा की कुछ आदतें भी घर के अंदर नमी को बढ़ाती हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन जगहों पर नमी का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- जहां हवा-धूप कम पहुंचती है और पानी का संपर्क ज्यादा रहता है, वहां नमी जल्दी जमा होती है। ऐसी जगहों पर इलेक्ट्रिक उपकरण रखना रिस्की हो सकता है। किन जगहों पर नमी ज्यादा होती है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- कौन-कौन से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नमी से जल्दी खराब हो सकते हैं? जवाब- नमी का असर लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पड़ता है, लेकिन कुछ डिवाइस जल्दी खराब हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को नमी से बचाने के लिए क्या करें? जवाब- मानसून में थोड़ी-सी सावधानी और सही मेंटेनेंस से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नमी से बचाया जा सकता है। सभी टिप्स ग्राफिक में देखें- सवाल- मानसून में मोबाइल और लैपटॉप को कैसे सुरक्षित रखें? जवाब- मोबाइल और लैपटॉप सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले डिवाइस हैं, इसलिए इनकी खास देखभाल जरूरी है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें- सवाल- बारिश में टीवी, फ्रिज जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की केयर कैसे करें? जवाब- बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लंबे समय तक एक ही जगह रखे रहते हैं। इसलिए इन पर नमी का असर ज्यादा पड़ता है। सही प्लेसमेंट और रेगुलर केयर से इन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- बारिश में इलेक्ट्रॉनिक होम अप्लायंसेज की केयर कैसे करें? जवाब- बारिश में छोटे-बड़े सभी होम अप्लायंसेज (मिक्सर, माइक्रोवेव, आयरन, कूलर आदि) पर नमी का असर जल्दी पड़ता है। इसलिए रेगुलर केयर जरूरी है। इन बातों का खास ध्यान रखें- सवाल- मानसून में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस यूज करते हुए किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- इस दौरान थोड़ी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- अगर डिवाइस में नमी चली जाए तो क्या करें? जवाब- अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में नमी हो या पानी चला जाए, तो तुरंत इन स्टेप्स को फॉलो करें- मानसून में इलेक्ट्रॉनिक्स केयर से जुड़े सवाल-जवाब सवाल- क्या इलेक्ट्रॉनिक्स को कवर करके रखना सही है? जवाब- हां, लेकिन कवर एयरटाइट नहीं होना चाहिए। ऐसा कवर इस्तेमाल करें, जिससे हवा का हल्का फ्लो बना रहे, वरना नमी अंदर फंसकर नुकसान बढ़ा सकती है। सवाल- क्या नमी से बैटरी पर असर पड़ता है? जवाब- हां, नमी बैटरी की क्षमता को प्रभावित करती है। इससे बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है, बैकअप कम होता है और लंबे समय में उसकी लाइफ घट सकती है। सवाल- क्या नमी से डिवाइस की स्पीड/परफॉर्मेंस कम हो सकती है? जवाब- हां, नमी सर्किट और कनेक्शन को कमजोर कर देती है। इससे डिवाइस स्लो हो सकती है। सवाल- क्या नमी से डेटा लॉस का रिस्क होता है? जवाब- हां, अगर नमी के कारण अचानक शॉर्ट सर्किट हो जाए या हार्ड ड्राइव फेल हो जाए तो डेटा लॉस हो सकता है। सवाल- क्या एसी या पंखे से नमी कम होती है? जवाब- हां, एसी चलाने से कमरे की नमी कम होती है। वहीं पंखा हवा को सर्कुलेट करता है, जिससे नमी कम जमा होती है। लेकिन पंखे से नमी पूरी तरह खत्म नहीं होती। ……………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए

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