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जरूरत की खबर- फिटनेस का नया ट्रेंड ‘रकिंग’:पीठ पर वजन लेकर चलने-दौड़ने के 10 फायदे, न करें ये गलतियां, बरतें 8 जरूरी सावधानियां

फिट रहने के लिए लोग जिम जाते हैं। वॉकिंग, जॉगिंग, रनिंग जैसी एक्सरसाइज करते हैं। इन सब अलग–अलग वर्कआउट के बीच आजकल एक नई फिटनेस एक्टिविटी तेजी से पॉपुलर हो रही है, जिसे ‘रकिंग’ कहते हैं। इसमें व्यक्ति अपनी पीठ पर वजन वाला बैग लेकर चलता या दौड़ता है। सेना के जवानों की ट्रेनिंग में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाली यह तकनीक अब आम लोगों के बीच भी फिटनेस ट्रेंड बन रही है। एक्सपर्ट कहते हैं कि रकिंग से सामान्य वॉकिंग, जॉगिंग या रनिंग की तुलना में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और स्टैमिना बढ़ता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे उपकरण या जिम की जरूरत नहीं है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में रकिंग पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. नितिन बजाज, कंसल्टेंट, फिजियोथेरेपी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- रकिंग क्या है? जवाब- रकिंग (Rucking) एक फिटनेस एक्सरसाइज है। इसे पॉइंटर्स से समझिए– सवाल- रकिंग क्यों इतनी पॉपुलर हो रही है? जवाब- इसके पीछे ये संभावित कारण हो सकते हैं– सवाल- रकिंग के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- ये बॉडी स्ट्रेंथ और स्टैमिना बढ़ाने वाली इफेक्टिव एक्सरसाइज है। इसमें चलने के साथ अतिरिक्त वजन उठाने से शरीर की कई मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं, जिससे फिटनेस बेहतर होती है। सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सामान्य वॉक की तुलना में रकिंग से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है? जवाब- हां, रकिंग के दौरान शरीर को अतिरिक्त वजन उठाना पड़ता है। इसलिए सामान्य वॉकिंग की तुलना में इसमें ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है। वजन, चलने की गति और दूरी के आधार पर रकिंग से अधिक कैलोरी बर्न हो सकती है। हालांकि सटीक कैलोरी खर्च व्यक्ति की उम्र, वजन और फिटनेस लेवल पर निर्भर करता है। सवाल- क्या रकिंग दौड़ने से बेहतर है? जवाब- यह व्यक्ति के फिटनेस गोल पर निर्भर करता है। इसे ऐसे समझिए– सवाल- क्या रकिंग जिम का विकल्प हो सकती है? जवाब- रकिंग फिटनेस बनाए रखने का एक अच्छा तरीका है। लेकिन यह पूरी तरह जिम का विकल्प नहीं है। यह कार्डियो और स्ट्रेंथ बढ़ाने में मदद करती है, जबकि मसल्स बनाने और एडवांस स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए जिम की जरूरत पड़ सकती है। सवाल- रकिंग की शुरुआत कैसे करें? जवाब- रकिंग शुरू करने के लिए सबसे पहले एक आरामदायक बैग चुनें और उसमें हल्का वजन रखें। शुरुआत 15-20 मिनट या 1-2 किलोमीटर की वॉक से करें। शरीर के अभ्यस्त होने पर धीरे-धीरे वजन, दूरी और समय बढ़ाएं। सवाल- कितना वजन लेकर चलना सुरक्षित माना जाता है? जवाब- अपने बॉडी वेट के 5-10% के बराबर वजन से शुरुआत करना सुरक्षित माना जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी का बॉडी वेट 70 किलो है तो वह 3.5 से 7 किलो तक का वजन अपनी पीठ पर लादकर रकिंग कर सकता है। शरीर के अभ्यस्त होने पर वजन धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। सवाल- रकिंग बैग को उठाने का सही तरीका क्या है? जवाब- रकिंग बैग में वजन को पीठ के ऊपरी हिस्से के करीब और समान रूप से रखना चाहिए। इससे बैलेंस बना रहता है और कमर व कंधों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। बैग की स्ट्रैप्स अच्छी तरह फिट होनी चाहिए, ताकि चलते समय बैग इधर-उधर न हिले। सवाल- रकिंग के दौरान कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- रकिंग के समय कुछ सामान्य गलतियां चोट और दर्द का कारण बन सकती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- रकिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- रकिंग को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए सही वजन, सही तकनीक और शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- रकिंग से पहले और बाद में क्या करें? जवाब- रकिंग से पहले शरीर को तैयार करना और बाद में रिकवरी पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- किन लोगों को रकिंग नहीं करनी चाहिए? जवाब- रकिंग हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होती है। ग्राफिक में देखें कि किसे रकिंग नहीं करनी चाहिए- रकिंग से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या ज्यादा रकिंग से कमर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- हां, जरूरत से ज्यादा वजन उठाने, गलत तरीके से चलने या लंबे समय तक रकिंग से कमर, कंधों और पीठ पर दबाव बढ़ सकता है। इससे प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए– सवाल- क्या रकिंग बच्चों के लिए सही है? जवाब- बच्चों को भारी वजन के साथ रकिंग नहीं करनी चाहिए। सवाल- क्या बुजुर्ग लोग रकिंग कर सकते हैं? जवाब- हां, स्वस्थ बुजुर्ग हल्के वजन और कम दूरी से रकिंग की शुरूआत कर सकते हैं। हालांकि अगर कोई हेल्थ प्रॉब्लम है तो पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें। सवाल- क्या रोज रकिंग करना सही है? जवाब- हल्की या मीडियम रकिंग रोज की जा सकती है। लेकिन शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है। अधिक वजन के साथ रोज रकिंग करने से ओवरयूज इंजरी का रिस्क बढ़ सकता है। सवाल- क्या रकिंग वेट लॉस में मददगार है? जवाब- हां, रकिंग में सामान्य वॉकिंग की तुलना में ज्यादा कैलोरी खर्च होती है। इसलिए यह वजन घटाने में मदद कर सकती है। लेेकिन इसके साथ संतुलित डाइट भी जरूरी है। सवाल- रकिंग के लिए सही जूते और बैग कैसे चुनें? जवाब- इसके लिए ऐसे स्पोर्ट्स या वॉकिंग शूज चुनें, जो पैरों को अच्छा सपोर्ट और कुशनिंग दें। बैग मजबूत, आरामदायक और अच्छी फिटिंग वाला होना चाहिए, जिसमें वजन शरीर के करीब और संतुलित तरीके से रखा जा सके। ………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- एक्सरसाइज के बाद भी नहीं घटता वजन:कैलोरी ट्रैक काफी नहीं, हॉर्मोन टेस्ट कराएं, एक्सपर्ट से समझें वेटलॉस का साइंस वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यही है- “मैं रोज वॉक करता हूं, जिम जाता हूं, डाइट भी कंट्रोल करता हूं, फिर भी वजन नहीं घट रहा।” ऐसे में अक्सर लोग अपनी मेहनत पर ही सवाल उठाने लगते हैं। लेकिन सच ये है कि वेट लॉस सिर्फ कैलोरी बर्न करने का खेल नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

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