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जरूरत की खबर- क्या ACV सचमुच वजन घटाता है:डॉक्टर से जानें इसके फायदे, सीमाएं, लेने का सही तरीका और साइड इफेक्ट्स

सोशल मीडिया पर एपल साइडर विनेगर (ACV) को वेट लॉस का आसान और नेचुरल तरीका बताया जाता है। कुछ लोग दावा करते हैं कि रोज ACV पीने से फैट तेजी से कम होता है, पेट की चर्बी घटती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इसलिए वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। लेकिन किसी भी ट्रेंड को अपनाने से पहले उसके पीछे मौजूद साइंटिफिक फैक्ट्स जानना जरूरी है। साल 2009 में साइंस जर्नल ‘बायोसाइंस, बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोकेमिस्ट्री’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक ACV लेने से वेट और ट्राइग्लिसराइड्स में हल्की कमी आती है। साल 2018 में ‘जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, लो कैलोरी डाइट के साथ ACV लेना वेट लॉस में मददगार हो सकता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम वेट लॉस में ACV की भूमिका पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ सवाल- एपल साइडर विनेगर क्या है? जवाब- यह एक प्रकार का सिरका है, जिसे सेब के जूस को फर्मेंट करके तैयार किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से एसिटिक एसिड होता है, जो इसके खट्टे स्वाद और तेज स्मेल के लिए जिम्मेदार होता है। सवाल- यह कैसे बनाया जाता है? जवाब- एपल साइडर विनेगर को फर्मेंटेशन प्रक्रिया के दो चरणों में बनाया जाता है। सवाल- ACV और सामान्य सिरके में क्या फर्क है? जवाब- ACV और सामान्य सिरका, दोनों में एसिटिक एसिड होता है। लेकिन इनके सोर्स और गुणों में अंतर होता है। सभी प्रमुख अंतर नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- ACV में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं? जवाब- यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक, इसमें 5% एसिटिक एसिड होता है। साथ ही थोड़ी मात्रा में पोटेशियम, एंटीऑक्सिडेंट और कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। ग्राफिक में एक टेबल स्पून एपल साइडर विनेगर की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- क्या एपल साइडर विनेगर सच में वजन कम करता है? जवाब- कुछ रिसर्च में इसका सीमित फायदा दिखा है। लेकिन सचमुच वजन घटाने के लिए ACV के साथ संतुलित डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल सबसे ज्यादा जरूरी हैं। सवाल- ACV फैट बर्न करता है या सिर्फ भूख कम करता है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि अभी तक ऐसी कोई ठोस साइंटिफिक स्टडी नहीं है, जो ये साबित करती हो कि ACV सीधे फैट बर्न करता है। कुछ स्टडीज में इसे भूख और कैलोरी की मात्रा कम करने में मददगार बताया गया है। लेकिन इस पर और रिसर्च की जरूरत है। सवाल- क्या यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि ACV में मौजूद एसिटिक एसिड फैट स्टोरेज प्रोसेस को प्रभावित कर सकता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार ला सकता है। हालांकि इसे लेकर कोई ठोस साइंटिफिक एविडेंस उपलब्ध नहीं है। इसलिए ACV को मेटाबॉलिज्म बूस्टर मानना जल्दबाजी होगी। सवाल- क्या ACV पेट की चर्बी कम कर सकता है? जवाब- साल 2018 में ‘जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स’ में पब्लिश एक स्टडी में ACV लेने वाले लोगों में बॉडी फैट और पेट की चर्बी में कुछ कमी देखी गई। हालांकि यह स्टडी सीमित लोगों पर और कम समय के लिए की गई। इसलिए अभी यह साबित नहीं हुआ है कि ACV सीधे पेट की चर्बी कम करता है। सवाल- कितने दिनों में ACV का असर दिखता है? जवाब- ACV का असर तुरंत नहीं दिखता। ‘जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स’ (2018) और ‘बायोसाइंस, बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोकेमिस्ट्री’ (2009) में पब्लिश स्टडीज में प्रतिभागियों को 12 सप्ताह तक ACV दिया गया था, जिसके बाद वजन में कुछ बदलाव देखे गए। इसलिए ACV के बेनिफिट के लिए इसे महीनों तक लगातार लेना जरूरी है। सवाल- क्या वेटलॉस के लिए ACV के साथ डाइट और एक्सरसाइज जरूरी है? जवाब- हां, टिकाऊ वेट लॉस के लिए संतुलित डाइट, कैलोरी कंट्रोल और रेगुलर एक्सरसाइज जरूरी है। ACV वेट लॉस में केवल सहायक भूमिका निभा सकता है। सवाल- क्या ACV इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारता है? जवाब- ACV की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को कम करने में मदद करता है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ने नहीं देता। फैट या मोटापे पर ACV का जो असर है, वो भी मुख्य रूप से इसी कारण है कि ACV ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल कम होने पर वेट अपने आप कम होता है। सवाल- क्या ACV मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने पर मददगार होता है? जवाब- हां, ये कुछ हद तक मदद कर सकता है। ये- इन वजहों से वेट कंट्रोल में मदद मिल सकती है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि- सवाल- ACV पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- ACV को हमेशा पानी में मिलाकर पीना चाहिए। आमतौर पर 1-2 चम्मच (15-30 mL) ACV को एक बड़े गिलास पानी में मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है। इसे दिन में 2-3 हिस्सों में बांटकर भोजन से पहले या भोजन के बाद लिया जा सकता है। सवाल- एक दिन में कितना ACV लेना सुरक्षित है? जवाब- आमतौर पर 1-2 चम्मच (15-30 mL) ACV पानी में मिलाकर पीना सुरक्षित माना जाता है। सवाल- क्या ACV को सीधे भी पी सकते हैं? जवाब- नहीं, इसमें मौजूद हाई एसिटिक एसिड दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे मुंह, गले और फूड पाइप में जलन हो सकती है। सवाल- ACV खाने से पहले लें या बाद में? जवाब- इसे आमतौर पर भोजन से पहले पानी में मिलाकर लिया जाता है। अगर इस समय पेट में जलन या असहजता महसूस हो तो खाने के बाद लेना बेहतर है। ध्यान रखें, बिना डॉक्टर की सलाह के रेगुलर सेवन न करें। सवाल- क्या इसे शहद मिलाकर पी सकते हैं? जवाब- हां, स्वाद बेहतर बनाने के लिए ACV में थोड़ी मात्रा में शहद मिलाया जा सकता है। सवाल- क्या नींबू और ACV साथ लेना सुरक्षित है? जवाब- हां, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दोनों को साथ में लेने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर आपको टूथ सेंसिटिविटी है या पेट से जुड़ी कोई समस्या है तो दिक्कत हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लें। सवाल- किन लोगों को ACV नहीं लेना चाहिए? जवाब- ACV हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। एपल साइडर विनेगर किन्हें नहीं लेना चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ACV के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं? जवाब- सीमित मात्रा में ACV आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन ज्यादा या बिना पानी मिलाए लेने पर इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसेकि- सवाल- ACV खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस: ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग ज्यादा होती है। पूरी खबर पढ़िए…

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