Socialblize

जरूरत की खबर- क्या वॉशिंग मशीन बालकनी में रखना सही:जानें मेंटेनेंस टिप्स, 12 सावधानियां, कितने दिनों में सर्विसिंग जरूरी

वॉशिंग मशीन आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुकी है। ज्यादातर घरों में यह आपको बालकनी में रखी मिलेगी। लोग जगह बचाने के लिए ऐसा करते हैं। यह सुविधाजनक तो है, लेकिन इसके नुकसान भी हैं। खुले स्पेस के कारण धूप, बारिश, नमी और धूल सबका असर सीधे मशीन पर पड़ता है। इससे मशीन का परफॉर्मेंस बिगड़ता है और जल्दी खराब होने का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वॉशिंग मशीन रखने के लिए सबसे सुरक्षित जगह कौन-सी है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में समझेंगे कि वॉशिंग मशीन को सुरक्षित कैसे रखें। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबाद सवाल- क्या वॉशिंग मशीन को बालकनी में रखना सही है? जवाब- हां, यह इस पर निर्भर है कि बालकनी कैसी है। ऐसी बालकनी में मशीन रख सकते हैं– सवाल- क्या धूप, बारिश और धूल मशीन को नुकसान पहुंचाते हैं? जवाब- हां, धूप, बारिश और धूल तीनों वॉशिंग मशीन के लिए नुकसानदायक हैं। इनके एक्सपोजर से लंबे समय में मशीन का परफॉर्मेंस और लाइफ कम हो सकते हैं। सवाल- अगर मशीन पर डायरेक्ट सनलाइट पड़े तो इससे क्या नुकसान होगा? जवाब- लगातार UV किरणों और गर्मी के संपर्क में आने से मशीन के बाहरी और अंदरूनी पार्ट्स पर सीधा असर पड़ता है। ग्राफिक में मशीन पर डायरेक्ट सनलाइट पड़ने के सभी नुकसान देखिए- सवाल- अगर मशीन पर सीधे बारिश का पानी पड़े तो इससे क्या नुकसान होगा? जवाब- बारिश में भीगने से मशीन का इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराब हो सकता है। नीचे ग्राफिक में सभी नुकसान देखिए- सवाल- ओपन स्पेस में धूल-मिट्‌टी ज्यादा होती है। वहां वॉशिंग मशीन रखने से क्या नुकसान होगा? जवाब- खुले और धूल भरे माहौल में रखी वॉशिंग मशीन के अंदर गंदगी जमा हो सकती है, जिससे मशीन का परफॉर्मेंस और उसके पार्ट्स, दोनों प्रभावित होते हैं। ग्राफिक में सभी नुकसान देखिए- सवाल- क्या फ्रंट लोड और टॉप लोड मशीन के लिए नियम अलग होते हैं? जवाब- हां, दोनों तरह की मशीन के नियम अलग होते हैं। दरअसल, दोनों की डिजाइन, वाटर मैनेजमेंट और वाइब्रेशन पैटर्न अलग होते हैं। इसलिए दोनों के प्लेसमेंट, मेंटेनेंस और आउटडोर (बालकनी) सेफ्टी गाइडलाइन भी अलग होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं- फ्रंट लोड मशीन के नियम टॉप लोड मशीन के लिए खास नियम अगर मशीन बालकनी में रखी है तो मेन्टेनेंस के सारे टिप्स नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- वॉशिंग मशीन को बालकनी में रखने के लिए कंपनियों की क्या गाइडलाइंस हैं? जवाब- कंपनियां आमतौर पर सीधे ‘बालकनी’ जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं करती हैं। ज्यादातर ब्रांड्स अपनी गाइडलाइन में यह लिखते हैं कि- अगर मशीन को ओपन या आउटडोर एरिया में रखने से कोई पार्ट डैमेज होता है, तो वारंटी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। सवाल- मशीन को बालकनी में रखते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए जरूरी है कि बालकनी में शेड हो, सीधी धूप न आती हो। नीचे ग्राफिक में सभी जरूरी टिप्स देखिए- सवाल- क्या UV किरणें मशीन की बॉडी और पैनल खराब कर सकती हैं? जवाब- हां, ये मशीन की प्लास्टिक बॉडी को फेड और क्रैक कर सकती हैं। इसके अलावा- सवाल- वॉशिंग मशीन को डायरेक्ट सनलाइट से बचाने के लिए क्या करें? जवाब- इसके लिए जरूरी है कि वॉशिंग मशीन रखते समय शेड, इंसुलेशन और सही पोजिशनिंग, तीनों का ध्यान रखें। ग्राफिक में मशीन को सनलाइट से बचाने के टिप्स देखिए- सवाल- क्या गर्मियों में खुली बालकनी में मशीन के ओवरहीट होने का रिस्क होता है? जवाब- हां, तेज धूप और ज्यादा टेम्परेचर की वजह से मशीन के अंदर की मोटर और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर एक्स्ट्रा थर्मल लोड पड़ता है। इससे परफॉर्मेंस प्रभावित होता है और मशीन खराब भी हो सकती है। सवाल- क्या धूप में मशीन का रंग फीका पड़ सकता है? जवाब- हां, अगर मशीन डायरेक्ट सनलाइट में है और उस पर लगातार तेज धूप पड़ रही है तो उसका रंग फीका पड़ सकता है। इसका कारण ये है कि- सवाल- बालकनी में रखने पर क्या धूल-मिट्‌टी मशीन के मोटर/फिल्टर में जमा होकर मशीन को खराब कर सकती है? जवाब- हां, इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे- सवाल- क्या वॉशिंग मशीन पर कवर लगाना जरूरी है? जवाब- हां, कवर मशीन को धूप, धूल-मिट्टी और नमी से बचाता है। हालांकि, मशीन इस्तेमाल करते समय कवर हटाना और वेंटिलेशन बनाए रखना जरूरी है, ताकि नमी मशीन में न फंसे। सवाल- कौन-सा कवर बेहतर है- वाटरप्रूफ या फैब्रिक? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या कवर हर वक्त लगाकर रखना चाहिए? जवाब- नहीं, वॉशिंग मशीन का कवर हर वक्त लगाकर रखना सही नहीं है। सवाल- बालकनी में रखी मशीन की सफाई कैसे करें? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- कितने दिनों में मशीन की सर्विसिंग करानी चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- …………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- हेल्थ एप्स भरोसेमंद नहीं:इन कामों के लिए यूज न करें, इसके डेटा को सच न मानें, यूज करते हुए 12 सावधानियां बरतें डिजिटल दौर में स्मार्टफोन के एक क्लिक पर सबकुछ उपलब्ध है। कई लोग तो अपनी सेहत के लिए भी स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच पर निर्भर हैं। लोग हार्ट रेट, स्लीप पैटर्न, कैलोरी काउंट से लेकर ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल तक सबकुछ हेल्थ एप से मॉनिटर कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Exit mobile version