केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि हर कोई अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहता है. मैं सिर्फ दो मुद्दों पर अपनी बात रखता हूं. एक तो संवैधानिक आधार. अगर आप इसे बदलना चाहते हैं, तो संविधान ही बदल दीजिए. सब लोग लोकसभा में आएं. मुझे बताइए, कहां कहा गया है कि यह आर्थिक आधार पर होना चाहिए? तो जब आधार ही आर्थिक नहीं है, तो बहस कहां से आती है? जब आधार ही सामाजिक है, और समाज के भीतर, यह छुआछूत से जुड़ा है. मैं सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण की बात नहीं कर रहा हूं. मैं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को आरक्षण देने की बात कर रहा हूं. अगर मांझी जी को लगता है कि ये सब चीजें होनी चाहिए, तो क्या मांझी जी को पहले इस्तीफा नहीं देना चाहिए… उनके बेटे भी यहां हैं, तो उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए.
