जुलाई महीने के आखिरी दिन भी मॉनसून के बादल गुजरात और महाराष्ट्र पर मेहरबान हैं. दोनों राज्यों में पूरे महीने जमकर बारिश हुई है और अब कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में नदियां उफान पर हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हतनूर बांध के गेट खोलने पड़े हैं. बांध से निकलते पानी का प्रवाह इतना तेज है कि उसकी गर्जना दूर तक सुनाई दे रही है. हर मिनट हजारों क्यूसेक पानी आगे बढ़ रहा है और नजारा किसी बादल फटने जैसी स्थिति का एहसास करा रहा है. पिछले 24 घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई भारी बारिश के कारण हालात ऐसे बने कि बांध पर दबाव कम करने के लिए 36 गेट खोलने पड़े. फिलहाल करीब 79 हजार क्यूसेक पानी तापी नदी में छोड़ा जा रहा है, और जरूरत पड़ने पर इस मात्रा को और बढ़ाया जा सकता है.
