PM मोदी ने कहा कि हाय फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं. जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा है. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं. किसी भी सभ्य समाज को शोभा ना दे, ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया. मुझे तो गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं. ना जाने कितना भद्दा स्वरुप था. लेकिन, मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं. और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है. और यही तो बचपना है. और इसलिए, मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसको भलीभांति समझ सकता हूं. एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं.
