राहुल गांधी के उस बयान के बाद विवाद गरमा गया है, जिसमें उन्होंने पुणे में छात्राओं के बीच कहा था- “मनुस्मृति के अनुसार, बचपन में स्त्री अपने पिता के अधीन होती है, युवावस्था में अपने पति के और पति की मृत्यु के बाद अपने पुत्र के. स्त्री को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए.” राहुल गांधी ने इसे महिलाओं की आजादी के खिलाफ बताया. इस पर योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी ने पलटवार किया कि राहुल देश की बेटियों को गलत तथ्यों से भड़का रहे हैं. मनुस्मृति को लेकर मुख्य आरोप यही है कि इसमें वर्ण व्यवस्था, महिलाओं और शूद्रों को दोयम दर्जा देने और पितृसत्ता का समर्थन किया गया है. इसी सवाल पर NDTV ने कचहरी स्पेशल में विद्वानों का पैनल बिठाया- काशी विद्वत परिषद के प्रो. राम नारायण द्विवेदी, JNU के प्रो. गंगा सहाय मीना और इतिहासकार डॉ. ओम जी उपाध्याय.
