जंतर-मंतर आंदोलन से सुर्खियों में आए मोहम्मद जुनैद आंदोलन से जुड़े कोई नेता नहीं हैं ना सीजेपी के सदस्य हैं. आंदोलन में वो सेवादार थे, छात्रों को खाना-पानी और दवा देते थे. आरोप है कि 36 दिन तक वो लगातार बिरयानी बाटते रहे. लेकिन खबर है कि यही बिरयानी अब उन्हें महंगी पड़ रही है. राहत के लिए जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में जुनैद ने कहा कि पुलिस मुझे और मेरे परिवार को बार-बार परेशान कर रही है. 2 दिन पहले पुलिस ने मुझे जंतर मंतर के पास से उठा लिया गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लिया. मेरे मोबाइल फोन की जांच की. पुलिस ने पूछा फंड कहां से मिल रहा है और इतना सारा खाना कैसे बांट रहे हो.
