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कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा, दावा जो लाया बवंडर!

केंद्र सरकार ने ‘सुरक्षा संबंधी चिंताओं’ और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम 2021 के तहत दायित्वों का हवाला देते हुए ओटीटी मंच जी5 को दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को हटाने का निर्देश दिया था. यह फिल्म पंजाब में 1990 के दशक के अशांत दौर में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है. खालड़ा ने  1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार किए जाने की पड़ताल की थी. 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वह कभी नहीं दिखे.

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