热门话题

कभी थी सबसे अमीर रियल एस्टेट कंपनी, आज साम्राज्य राख:चीनी कंपनी एवरग्रैंड के संस्थापक को उम्रकैद, आज कोर्ट ने दिवालिया होने की मंजूरी दी

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

एक वक्त था जब चीन के गांव का गरीब लड़का हुई का यान, करोड़ों लोगों के ‘शहरी सपनों’ का सौदागर बनकर देश का सबसे अमीर आदमी बन गया था। उसने ‘एवरग्रैंड’ नाम का एक ऐसा विशाल साम्राज्य खड़ा किया, जो गगनचुंबी इमारतें बनाता था, फुटबॉल क्लब खरीदता था। मॉडल सरल था- जमीन खरीदो, नींव डलने से पहले ही कागजों पर पूरे फ्लैट बेच दो और ग्राहकों से मिले उस एडवांस पैसे से अगला प्रोजेक्ट शुरू कर दो। लेकिन ताश के पत्तों से बने इस महल की बुनियाद बेतहाशा कर्ज पर टिकी थी। जब सरकार ने कर्ज के नल बंद किए, तो साम्राज्य भरभराकर ढह गया। 280 शहरों में फैले 1,300 अधूरे प्रोजेक्ट्स और 300 अरब डॉलर यानी करीब ₹28 लाख करोड़ के कर्जों का पहाड़ छोड़कर एवरग्रैंड आखिरकार इतिहास के पन्नों में दफन हो गया। संस्थापक हुई का यान को अदालत ने वित्तीय धोखाधड़ी में उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया और अगले ही दिन गुआंगडोंग की अदालत ने कंपनी को पूरी तरह बंद करने के आदेश पर मुहर लगा दी।।
समझिए चीन के इस सबसे बड़े एस्टेट क्रैश से जुड़े 10 जरूरी सवाल-जवाब: सवाल 1. कोर्ट ने एवरग्रैंड के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया की याचिका क्यों स्वीकार की? जवाब: गुआंगझू की अदालत ने गुआंगझू रूरल कॉमर्शियल बैंक की याचिका पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि कंपनी करंज चुकाने में पूरी तरह असमर्थ है और उसकी कुल संपत्ति देनदारियों की तुलना में बहुत कम है। इसके साथ ही कंपनी को पूरी तरह बंद करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई। सवाल 2. एवरग्रैंड के संस्थापक हुई का यान और कंपनी पर क्या-क्या कार्रवाई हुई है? जवाब: 66 साल के हुई का यान को धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दी गई है। उनके सभी राजनीतिक अधिकार छीन लिए गए हैं और पूरी निजी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा शैनजेन कोर्ट ने पेरेंट कंपनी चाइना एवरग्रैंड पर 8.82 अरब युआन और हेंगडा रियल एस्टेट पर 7 अरब युआन का भारी जुर्माना भी लगाया है। सवाल 3. हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज (HKEX) से डीलिस्ट होने का क्या मतलब है? जवाब: लगातार 18 महीनों तक ट्रेडिंग निलंबित रहने के बाद 25 अगस्त 2025 को एवरग्रैंड के शेयरों को हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट कर दिया गया था। डीलिस्टिंग का मतलब है कि एक पब्लिक ट्रेडेड कंपनी के रूप में एवरग्रैंड का अस्तित्व अब खत्म हो चुका है। कभी दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी रही एवरग्रैंड के शेयरों की वैल्यू अब लगभग शून्य हो गई है। सवाल 4. एवरग्रैंड कितनी बड़ी कंपनी थी और इसकी तरक्सी कैसे हुई? जवाब: एवरग्रैंड चीन के शहरीकरण की लहर पर सवार होकर बड़ी बनी थी। चीन में शहरी आबादी 1980 के 20% से बढ़कर आज 66% तक पहुंच गई है। एवरग्रैंड ने “कर्ज लो, जमीन खरीदो, एडवांस बुकिंग में फ्लैट बेचो और उसी पैसे से अगला प्रोजेक्ट शुरू करो” का मॉडल अपनाया। 2017-2018 में यह दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी बन गई थी। इसकी वैल्यू 400 बिलियन डॉलर के करीब थी। आज के हिसाब से ये 4.90 लाख करोड़ रुपए के करीब होती है। सवाल 5. इस दिग्गज कंपनी के पतन की असली शुरुआत कैसे हुई? जवाब: पतन की मुख्य वजह चीनी सरकार की ‘थ्री रेड लाइन्स’ पॉलिसी थी, जो 2020 में ज्यादा कर्ज लेने वाले डेवलपर्स को रोकने के लिए लाई गई थी। इससे एवरग्रैंड को मिलने वाला सस्ता कर्ज बंद हो गया। कंपनी केवल नए फ्लैट्स के एडवांस पैसों के भरोसे काम कर रही थी। जैसे ही कर्ज मिलना बंद हुआ और घरों की बिक्री घटी, कंपनी का पूरा कैश फ्लो ठप हो गया। सवाल 6. एवरग्रैंड पर कितना कर्ज है और वसूली की क्या स्थिति है? जवाब: ब्लूमबर्ग के अनुसार 2025 में एवरग्रैंड पर 300 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज था। लिक्विडेशन की जिम्मेदारी संभाल रही फर्म अल्वारेंज एंड मार्सल ने 18 महीनों में करीब 255 मिलियन डॉलर के एसेट बेचे थे, जबकि लेनदारों ने 45 बिलियन डॉलर (₹3.75 लाख करोड़) के दावे पेश किए गए थे। सवाल 7. क्या एवरग्रैंड के डूबने से आम लोगों के मकान अधर में लटक गए हैं? जवाब: हां। जब कंपनी डूबी, तब चीन के 280 शहरों में इसके 1,300 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े थे। हालांकि चीनी सरकार ने विदेशी कर्जदाताओं के बजाय अपने स्थानीय नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी है और बिल्डरों को केवल वही अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने के निर्देश दिए हैं। सवाल 8. क्या एवरग्रैंड की तुलना 2008 के अमरीकी ‘लेहमन ब्रदर्स’ संकट से की जा सकती है? जवाब: विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ‘चीन का लेहमन मोमेंट’ नहीं है। 2008 में लेहमन ब्रदर्स के डूबने से पूरे वैश्विक बैंकिंग सिस्टम में भूचाल आ गया था, क्योंकि उसका कर्ज अंतरराष्ट्रीय बैंकों से जुड़ा था। इसके विपरीत एवरग्रैंड के संकट को चीनी सरकार ने बहुत धीरे-धीरे और नियंत्रण में रखकर संभाला है, जिससे वैश्विक वित्तीय संकट टल गया और चीन का बैंकिंग सिस्टम स्थिर रहा। सवाल 9. इस संकट का चीन की पूरी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है? जवाब: रियल एस्टेट चीन की जीडीपी का लगभग एक-चौथाई (25-30%) हिस्सा था। एवरग्रैंड के डूबने से कंस्ट्रक्शन सुस्त पड़ा, जिससे स्टील और सीमेंट की मांग गिर गई। स्थानीय सरकारों की जमीन बिक्री से होने वाली कमाई बंद हो गई। आम चीनियों का भरोसा भी टूट गया। सवाल 10. इस पूरी कहानी से दुनिया और भारत के लिए क्या सबक है? जवाब: यह मामला साबित करता है कि अत्यधिक कर्ज पर टिका ग्रोथ मॉडल कभी न कभी धराशायी होता है। चीन की कर्ज-संचालित एस्टेट ग्रोथ का दौर अब खत्म हो चुका है। भारतीय रियल एस्टेट और रेगुलेटर्स जैसे RERA के लिए सबक है कि एस्क्रो अकाउंट और समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी के कड़े नियम कितने जरूरी हैं ताकि आम खरीदारों का पैसा सुरक्षित रहे। नॉलेज बॉक्स – ‘थ्री रेड लाइन्स’ क्या थीं?:

标签 :

留下回复

您的电子邮件地址不会被公开。 必填字段标有 *

最新消息

关于我们

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

联系我们: info@socialblize.com

联系方式: +91-7976784661

Socialblize @2026. 版权所有。