पाकिस्तानी जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम के कोच ने कहा है कि हमारी तैयारी पर्याप्त नहीं थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गेम्स से पहले पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन (PAAF) ने उनकी तैयारी से दूरी बना ली थी। इसके चलते नदीम को अधिकांश तैयारी अपने स्तर पर करनी पड़ी। ओलिंपिक चैंपियन नदीम ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने करियर के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक से गुजरे। वह 80 मीटर का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके और नौवें स्थान पर रहे। श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने गोल्ड जीता। भारत के नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। कोचिंग विवाद के बाद कम हुआ समर्थन PTI के मुताबिक पिछले साल नदीम के कोचिंग सेटअप को लेकर मतभेद सामने आने के बाद फेडरेशन ने उनके कार्यक्रम को पूरा समर्थन नहीं दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि नदीम की ट्रेनिंग से जुड़े कई अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने विदेशी कोच और ट्रेनर उपलब्ध कराने के लिए भी फंड जारी नहीं किया। नदीम ने ओलिंपिक गोल्ड से पहले साउथ अफ्रीकी कोच टेर्सियस लीबेनबर्ग के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग की थी, लेकिन इस बार वह विदेश में तैयारी करने के बजाय लाहौर में अपने पुराने कोच सलमान बट और स्थानीय ट्रेनर्स के साथ अभ्यास करते रहे। भारत की तैयारी से हुई तुलना रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान की तैयारियों की तुलना भी की गई है। नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के बिएल में अपना अंतिम ट्रेनिंग ब्लॉक पूरा किया, जबकि यशवीर सिंह और रोहित यादव ने पोलैंड में विदेशी कोचों के साथ तैयारी की। इसका असर नतीजों में भी दिखा, जहां भारत ने दो पदक जीते, जबकि नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके। कोच ने माना- पूरी तरह तैयार नहीं थे अरशद नदीम के लंबे समय से कोच रहे सलमान बट ने भी माना कि ओलिंपिक चैंपियन अपने बेस्ट स्तर पर नहीं थे और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाए थे। पूर्व पाकिस्तान एथलेटिक्स फेडरेशन अध्यक्ष अकरम साही ने भी खराब तैयारी और लापरवाही को प्रदर्शन में गिरावट की वजह बताया। साही ने कहा, ओलिंपिक गोल्ड के बाद कुछ लोगों ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया और मुझसे दूर कर दिया। पिछले कई महीनों से तैयारी और ट्रेनिंग में कमी साफ दिखाई दे रही थी। पाकिस्तान के स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर पर उठे सवाल नदीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के खेल ढांचे पर भी सवाल उठने लगे हैं। ओलिंपिक बॉक्सिंग ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हुसैन शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की खेल व्यवस्था की कमजोरियों को दिखाता है। उनका कहना है कि देश को ओलिंपिक गोल्ड दिलाने वाले खिलाड़ी को भी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए उचित तैयारी और संसाधन नहीं मिल सके। नदीम की विफलता के बाद पाकिस्तान में अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराने में खेल संस्थाएं नाकाम रही हैं।
अरशद नदीम के कोच बोले- पर्याप्त तैयारी नहीं हुई:पाकिस्तानी स्पोर्ट्स फेडरेशन ने दूरी बना ली थी; कॉमनवेल्थ के जेवलिन में नौवें स्थान पर रहे

