अतीक के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था. उमर अपने छोटे भाई अबान की मौत के बाद जनाजे में शामिल होने आया था. जब उसे वापस जेल ले जाया जा रहा था, तब उसकी पुलिस वैन के पीछे अचानक समर्थकों की गाड़ियां जुड़ती चली गईं. देखते ही देखते इस काफिले में 30 से अधिक महंगी गाड़ियां शामिल हो गईं. टोल प्लाजा पर जब टोल कर्मचारियों ने इन वाहनों को रोकने की कोशिश की, तो काफिले में शामिल लोगों ने दबंगई दिखाई. उन्होंने न केवल कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और धमकियां दीं, बल्कि बैरियर तोड़कर गाड़ियों को जबरन आगे निकाल ले गए.
इस मामले में टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. पुलिस अब टोल पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि इन गाड़ियों और हुड़दंगियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.
